भोपाल । मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी संगठन एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भोपाल स्थित आवास पर मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में हार के कारणों और कथित भीतरघात की शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति भी गठित कर दी है।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, चुनाव प्रभारी भारत सिंह कुशवाह, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। भाजपा के पराजित उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने भी बैठक में पहुंचकर संगठन के भीतर कथित भीतरघात से जुड़े ऑडियो साक्ष्य प्रस्तुत किए।
स्थानीय नेताओं पर कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, दतिया के शहरी क्षेत्रों में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए कुछ स्थानीय पार्षदों और संगठन पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। चुनाव के दौरान वायरल हुए कथित भ्रामक पोस्ट और फर्जी पत्रों की भी समीक्षा की जाएगी और उन्हें साझा करने वालों की सूची तैयार की जा रही है।
दो सदस्यीय समिति करेगी जांच
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चुनाव परिणामों का विस्तृत विश्लेषण करने के लिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति बनाई है। समिति जमीनी स्तर पर पदाधिकारियों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी।
खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा में अनुशासन सर्वोपरि है और कोई भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी संगठन के अनुशासन से ऊपर नहीं है। अनुशासन के विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री बोले- जनादेश का सम्मान करेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है और भाजपा इस जनादेश का पूरी विनम्रता से सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी कमियों का आकलन कर भविष्य में और अधिक मजबूती के साथ जनता के बीच जाएगी।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों से हराया। कांग्रेस उम्मीदवार को 66,757 मत मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 60,741 मत प्राप्त हुए।
