झारखंड पुलिस ने पिछले 25 साल (2001 से सितंबर 2025 तक) में नक्सलवाद के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 10,769 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी अपने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से दी है। इसी अवधि में 324 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और 235 माओवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया।
इस अभियान के तहत, सुरक्षा बलों ने हथियारों का बड़ा ज़खीरा बरामद किया है: रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 1,471 आग्नेयास्त्र मिले, जिनमें से 710 पुलिस से लूटे गए हथियार थे।
पुलिस ने यह भी बताया कि नक्सल-प्रभावित जिलों की संख्या में पिछले कुछ सालों में घटाव आया है। वर्तमान में झारखंड में केवल चार जिलों में नक्सली गतिविधि सक्रिय है, जिनमें सबसे गंभीर असर चाईबासा जिले में देखा जा रहा है।
सुरक्षा बलों के लिए भी यह लड़ाई भारी पड़ी है: इसी 25-साल के दौर में 555 जवान शहीद हुए हैं, जिनमें से 408 झारखंड पुलिस के और 147 केंद्रीय बलों के हैं।
पुलिस प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ उन्होंने पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी स्तंभों को मजबूत किया है। इसी अवधि के दौरान पुलिस बल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है जबकि थानों और आउट-पोस्ट की संख्या भी बढ़ाई गई है।
यह सारी जानकारी यह दर्शाती है कि झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों ने निरंतर दबाव बनाए रखा है और अब उसकी पैठ को काफी हद तक सीमित किया गया है।


