काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह करीब पांच महीने पहले पद संभालने के बाद बुधवार को पहली बार प्रतिनिधिसभा में सांसदों के सवालों का औपचारिक रूप से जवाब देंगे। संसदीय परंपरा के तहत प्रधानमंत्री को सांसदों की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब देना होता है, लेकिन शाह अब तक इस प्रक्रिया से दूरी बनाए हुए थे। प्रतिनिधिसभा की बैठक में आज दोपहर एक बजे प्रश्नोत्तर कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
प्रतिनिधिसभा की 17 अगस्त को हुई बैठक में स्पीकर डोलप्रसाद अर्याल ने 26 अगस्त को प्रधानमंत्री के प्रश्नोत्तर के लिए निर्धारित किया था। विपक्ष के 11 सांसदों ने संसद सचिवालय में अपने सवाल जमा कराए हैं। इन सवालों में गैस और खाद की कमी, भूमिहीन परिवारों का विस्थापन, बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, सीमा संबंधी समस्याओं के साथ प्रधानमंत्री की कार्यशैली से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
संसदीय नियमों के अनुसार एक बैठक के प्रश्नोत्तर सत्र में कुल 15 सवाल पूछे जाने की व्यवस्था है। संसद सचिवालय ने प्रतिनिधिसभा में मौजूद सभी दलों के सांसदों से सवाल मांगे थे। इस बार सभी दलों को कम से कम एक सवाल देने और शेष सवालों का आवंटन उनकी संसदीय उपस्थिति के आधार पर करने की व्यवस्था अपनाई गई है।
इस व्यवस्था के तहत सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को सात, नेपाली कांग्रेस को दो, नेकपा (एमाले) को दो, नेकपा को दो तथा श्रम संस्कृति पार्टी और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी को एक-एक सवाल मिला है। संसद सचिवालय के अनुसार रास्वपा की ओर से चार सांसदों ने सवाल भेजे हैं। सांसद बुधवार को सदन में अपने पंजीकृत सवाल पूछेंगे, जबकि प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह उनके लिए तैयार किए गए जवाब सदन में प्रस्तुत करेंगे।
प्रधानमंत्री शाह के लिए संसद में औपचारिक प्रश्नोत्तर का यह पहला अवसर है। हालांकि, 31 मई को वह अचानक प्रतिनिधिसभा की बैठक में पहुंचे थे और स्पीकर से समय लेकर सांसदों के सवालों का जवाब दिया था। उस समय विपक्षी दलों ने प्रतिनिधिसभा नियमावली के नियम 56 का हवाला देते हुए इस प्रक्रिया को निर्धारित संसदीय व्यवस्था के अनुरूप नहीं बताया था।
अब नियम 56 के प्रावधानों के तहत प्रधानमंत्री का प्रत्यक्ष प्रश्नोत्तर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। ऐसे में आज की बैठक को प्रधानमंत्री शाह के लिए न केवल सांसदों के सवालों का जवाब देने, बल्कि सरकार की नीतियों और कामकाज पर विपक्ष के सवालों का सीधे सामना करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
