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Sunday, August 16, 2026

रांची विश्वविद्यालय में उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ मना 80वां स्वतंत्रता दिवस

रांची। रांची विश्वविद्यालय के मुख्यालय और बेसिक साइंस परिसर में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे उत्साह, गरिमा और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया। समारोह में विश्वविद्यालय परिवार ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया और राष्ट्र निर्माण के साथ विश्वविद्यालय को शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने विश्वविद्यालय परिवार की मौजूदगी में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। ध्वजारोहण के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े सभी लोग कलम के सिपाही हैं और उनका दायित्व केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान, शोध और नवाचार के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देना भी है।

कुलपति ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए सभी को अपनी कलम की लाज रखते हुए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में अनेक शोध परियोजनाएं संचालित हैं और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ विज्ञान, शोध और नवाचार के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए नए अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्र निर्माण में भाषा और संस्कृति की अहम भूमिका

प्रो. सरोज शर्मा ने राष्ट्र निर्माण में भाषा और संस्कृति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि रांची विश्वविद्यालय के लिए यह गौरव की बात है कि यहां जनजातीय भाषा विभाग संचालित है। झारखंड जैसे जनजातीय बहुल राज्य में यह विभाग जनजातीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और अध्ययन-अध्यापन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों को और मजबूत करने के लिए अनुसंधान सुविधाओं तथा वित्तीय संसाधनों में वृद्धि की जाएगी। इसका उद्देश्य शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के साथ अनुकूल शोध वातावरण तैयार करना है, ताकि विश्वविद्यालय से गुणवत्तापूर्ण और समाजोपयोगी शोध को बढ़ावा मिल सके।

स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और पूर्वजों के त्याग एवं बलिदान की याद दिलाता है, जिनके संघर्ष के कारण आज देशवासी स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से आह्वान किया कि सभी सामूहिक संकल्प, अनुशासन और समर्पण के साथ रांची विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।

उन्होंने कहा कि भारत ने ज्ञान, विज्ञान, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। आने वाले वर्षों में देश के साथ रांची विश्वविद्यालय भी शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।

समारोह में विश्वविद्यालय के सभी वरीय पदाधिकारी, डीन, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। समारोह का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण और रांची विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए निरंतर प्रयास करने के संकल्प के साथ हुआ।

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