रांची। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शनिवार को सरकार और जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता होगी। शुक्रवार को भारी बारिश के बावजूद छात्र और अभिभावक धरना-प्रदर्शन में डटे रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों के आग्रह पर न्याय मंच ने सरकार से वार्ता के लिए आठ सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल की सूची सौंप दी है। इसमें रामा अवतार महतो, चंदन कुमार, दिनबंधु मंडल, बिमल कुमार, पूजा कुमारी, प्रेम कुमार, रवि शंकर और अमित कुमार शर्मा शामिल हैं।
मंच के सदस्य चंदन कुमार ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की सरकार के प्रतिनिधियों के साथ शनिवार को वार्ता प्रस्तावित है। बैठक सुबह 10 बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में होगी। इसमें छात्र प्रतिनिधि जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़ी अपनी मांगों और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दे सरकार के सामने रखेंगे।
देवेंद्र नाथ महतो की सेहत बिगड़ी
इधर, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रही। मंच के अनुसार, चिकित्सकीय जांच में उनके स्वास्थ्य में गिरावट सामने आई है। शुगर स्तर में भारी कमी सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बाद चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने की सलाह दी। हालांकि, महतो ने आंदोलन जारी रखने की बात कहते हुए अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।
देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार से छात्रों के सब्र की परीक्षा नहीं लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अनुशासित तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार को उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द वार्ता कर समाधान नहीं निकालती है तो 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च ऐतिहासिक होगा। इसमें राज्यभर से बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और युवा शामिल होंगे।
शुक्रवार को पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा और सीजेपी के संगठनात्मक पदाधिकारी भी धरनास्थल पहुंचे और आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात कर समर्थन जताया।
रिफॉर्म मंच से भी हुई वार्ता
इससे पहले शुक्रवार को जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच भी वार्ता हुई। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दे सरकार के सामने रखे।
सरकार की ओर से मंत्री संजय प्रसाद यादव, दीपिका सिंह पांडेय, चमरा लिंडा, सुद्धिव कुमार और स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह वार्ता में शामिल हुए। वहीं रिफॉर्म मंच की ओर से रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार ने प्रतिनिधित्व किया।
अब शनिवार को न्याय मंच के प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाली वार्ता को आंदोलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सरकार के रुख और वार्ता के परिणाम के आधार पर छात्र आंदोलन की आगे की रणनीति तय होने की संभावना है।
