भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए गुरुवार से इलेक्ट्रिक बसों (ई-बसों) का कमर्शियल संचालन शुरू हो गया। पहले चरण में शहर के दो प्रमुख रूटों पर 10 ई-बसें चलाई जाएंगी। यात्रियों से वर्ष 2022 में निर्धारित किराया संरचना के अनुसार प्रति किलोमीटर ₹1.50 और न्यूनतम ₹7 किराया लिया जाएगा।
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) के अनुसार, अब तक 30 ई-बसें शहर पहुंच चुकी हैं। इनमें से 10 बसें फिलहाल संचालन में रहेंगी, जबकि अगले सप्ताह 10 और बसों को नए रूटों पर उतारा जाएगा। अगले एक महीने में 100 ई-बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।
इन बसों का ट्रायल रन 20 जुलाई से बिना यात्रियों के किया जा रहा था। टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग पूरी नहीं होने के कारण कमर्शियल संचालन में देरी हुई, लेकिन अब सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद यात्रियों के लिए सेवा शुरू कर दी गई है। टिकटिंग सिस्टम का संचालन ‘चलो’ कंपनी के जिम्मे है।
हालांकि ई-बस सेवा का औपचारिक लोकार्पण 15 अगस्त को प्रस्तावित है, लेकिन गुरुवार से बसें विभिन्न स्टॉप पर यात्रियों के लिए रुकना शुरू कर देंगी।
पहले चरण में पहला रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए बैरागढ़-चिचली तक रहेगा, जबकि दूसरा रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन, चेतक ब्रिज होते हुए रेलवे कोच फैक्ट्री तक संचालित किया जाएगा।
बीसीएलएल की सीईओ अंजू अरुण कुमार ने बताया कि ट्रायल रन और सभी तकनीकी जांच सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं। फिलहाल दो रूटों पर ई-बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है और जल्द ही अन्य रूटों पर भी सेवा का विस्तार किया जाएगा।
गौरतलब है कि ई-बस संचालन को आठ मई को मंजूरी मिली थी। परिवहन विभाग को भेजे गए 26 प्रस्तावित रूटों में से 12 रूटों को अंतिम रूप दिया गया है। इनमें सबसे लंबा रूट सीहोर से रातापानी तक 68.5 किलोमीटर और सबसे छोटा रूट रेलवे कोच फैक्ट्री से गोल-जोड़ तक 28 किलोमीटर लंबा है।
