32.1 C
Kolkata
Wednesday, July 29, 2026

श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पैतृक घर खरीदेगी नहीं, खरीद चुकी बंगाल सरकार; बनेगा संग्रहालय

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के हुगली जिले के बलागढ़ स्थित जिराट गांव में बने पैतृक आवास को ₹1.25 करोड़ से अधिक की राशि में खरीद लिया है। संपत्ति का पंजीकरण तीन जुलाई को पूरा होने के साथ ही यह भवन राज्य सरकार के सूचना एवं संस्कृति विभाग के स्वामित्व में आ गया है। अब यहां संग्रहालय, पुस्तकालय, स्मृति पार्क और सभागार विकसित किया जाएगा।

राज्य मंत्रिमंडल ने तीन जून को इस संपत्ति की खरीद को मंजूरी दी थी। इसके बाद 29 जून को जिला प्रत्यक्ष भूमि खरीद समिति की बैठक हुई और कुछ ही दिनों में खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली गई। सरकार ने मकान के उत्तराधिकारियों के खातों में बैंक हस्तांतरण के जरिए ₹1,25,99,822 की राशि भेज दी।

राज्य के स्वास्थ्य राज्यमंत्री और स्थानीय विधायक सुमना सरकार ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पैतृक घर के संरक्षण और इसे संग्रहालय व पुस्तकालय के रूप में विकसित करने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने इस दिशा में पहल शुरू कर दी है।

राज्य सरकार ने इस वर्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सरकारी अवकाश की घोषणा की थी। साथ ही राज्य बजट में उनके पैतृक आवास के विकास, 125 फुट ऊंची प्रतिमा, पुराने भवन के जीर्णोद्धार और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए ₹200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

योजना के तहत परिसर में संग्रहालय, पुस्तकालय, स्मृति पार्क, सभागार और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पूर्णाकृति प्रतिमा स्थापित की जाएगी। वर्तमान में इस संपत्ति की देखरेख उनके परिवार के सदस्य कर रहे हैं। राज्य सरकार की इस पहल के बाद जिराट स्थित उनके पैतृक घर को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

Related Articles

नवीनतम लेख