पूर्वी सिंहभूम। साकची गोलचक्कर पर सोमवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) के बैनर तले एकदिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल आयोजित कर केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया। साथ ही किसानों की मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील का भी विरोध किया।
भूख हड़ताल के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
वक्ताओं ने किसानों की लंबित मांगों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को उनका शीघ्र समाधान करना चाहिए। उनका कहना था कि कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि इस तरह के व्यापारिक समझौतों का सबसे अधिक असर देश के किसानों और डेयरी क्षेत्र पर पड़ सकता है। इसलिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से पहले किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भूख हड़ताल के दौरान हाल ही में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित के मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।
इस अवसर पर सिख समाज के सरदार शैलेंद्र सिंह, अवतार सिंह, इंदर सिंह, महेंद्रपाल सिंह, हरभजन सिंह सहित सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी, विभिन्न गुरुद्वारों के प्रधान और बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग उपस्थित रहे।
