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Saturday, July 25, 2026

मध्य प्रदेश में बनेंगे चार फास्ट ट्रैक न्यायालय, तीन माह में निपटेंगे परीक्षा धांधली के मामले

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में परीक्षा धांधली और प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में चार फास्ट ट्रैक न्यायालय बनाए जाएंगे। इन न्यायालयों में परीक्षा संबंधी मामलों का तीन माह के भीतर निराकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।

विद्यार्थियों के हित में तेज न्याय की पहल

विधानसभा परिसर के सेंट्रल हॉल में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों और शिक्षकों के हितों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय समय की आवश्यकता है और इसी उद्देश्य से विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालयों की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं और मध्य प्रदेश ऐसी नीतियों को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है।

नीट परीक्षा को लेकर सरकार गंभीर

डॉ. यादव ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल विशेष जांच दल का गठन कराया। मामले दर्ज हुए, आरोपितों की गिरफ्तारियां हुईं और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। उन्होंने कहा कि भविष्य में परीक्षाएं अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हों, इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और उच्च शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में देश में विश्वविद्यालयों और चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा चिकित्सा शिक्षा की सीटें भी दोगुनी से अधिक हो गई हैं।

उच्च न्यायालय ने जारी किए निर्देश

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में परीक्षा धांधली और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय गठित करने का आदेश दिया है। इन न्यायालयों में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई होगी।

उच्च न्यायालय ने इन अदालतों को मामलों का सीधे संज्ञान लेने और प्रारंभिक न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की शक्तियां भी प्रदान की हैं, ताकि मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।

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