खड़गपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर और ब्रिटेन के लीड्स विश्वविद्यालय ने अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस दीर्घकालिक साझेदारी का उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों तथा शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है।
संयुक्त शोध के लिए बनेगा सीड फंड
समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं के लिए साझा सीड फंड स्थापित करेंगे। इसके लिए दोनों संस्थान 50-50 हजार अमेरिकी डॉलर का समान योगदान देंगे। इस निधि का उपयोग प्रारंभिक शोध परियोजनाओं, नए विचारों के परीक्षण और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी अनुसंधान परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने में किया जाएगा। लीड्स विश्वविद्यालय ने अपना प्रारंभिक योगदान जारी कर दिया है, जबकि आईआईटी खड़गपुर ने चालू वर्ष के लिए अपने हिस्से को मंजूरी दे दी है।
विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय अवसर
समझौते के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्तर पर संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे। साथ ही शिक्षक आदान-प्रदान, छात्र विनिमय और संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान मजबूत होगा।
उद्योग और नवाचार पर रहेगा विशेष जोर
दोनों संस्थान उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने, अनुसंधान के व्यावहारिक उपयोग, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए भी मिलकर कार्य करेंगे। इसके तहत सम्मेलन, कार्यशालाएं और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शिक्षाविदों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की भागीदारी होगी।
आईआईटी खड़गपुर के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के अधिष्ठाता प्रोफेसर आनंदरूप भट्टाचार्य ने कहा कि वैश्विक साझेदारियां अनुसंधान उत्कृष्टता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा देती हैं। वहीं, लीड्स विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीयकरण निदेशक प्रोफेसर वासिलिस सरहोसिस ने कहा कि यह सहयोग दोनों संस्थानों की संयुक्त क्षमता को वैश्विक अनुसंधान और नवाचार के लिए नई गति देगा।
भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के बीच यह समझौता दोनों देशों की ज्ञान और अनुसंधान साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
