32 C
Kolkata
Saturday, July 25, 2026

गूगल पर ईयू के जुर्माने से भड़के ट्रंप, व्यापार जांच और नए टैरिफ की चेतावनी

वॉशिंगटन। यूरोपीय संघ द्वारा गूगल पर एंटी-ट्रस्ट नियमों के उल्लंघन को लेकर भारी जुर्माना लगाए जाने के बाद अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को अमेरिकी कंपनियों के साथ अनुचित व्यवहार बताते हुए यूरोपीय संघ के खिलाफ सेक्शन 301 के तहत व्यापार जांच शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो यूरोपीय संघ पर नए और भारी टैरिफ लगाए जाएंगे।

गूगल पर भारी जुर्माने के बाद बढ़ा विवाद

यूरोपीय आयोग ने गूगल पर लगभग 89 करोड़ यूरो (करीब एक अरब डॉलर) का एंटी-ट्रस्ट जुर्माना लगाया है। आयोग का आरोप है कि गूगल ने अपने खोज परिणामों में प्रतिस्पर्धी सेवाओं की तुलना में अपनी सेवाओं को अनुचित बढ़त दी।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि गूगल, एप्पल, मेटा और अमेजन जैसी कई अमेरिकी कंपनियों पर यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए भारी जुर्मानों का अमेरिका उचित जवाब देगा। उन्होंने कहा कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर यूरोपीय संघ के खिलाफ अतिरिक्त व्यापारिक शुल्क लगाए जा सकते हैं।

गूगल के जुर्माने पर ट्रंप के दावे पर विवाद

ट्रंप ने दावा किया कि गूगल पर अब तक कुल 18 अरब डॉलर से अधिक का जुर्माना लगाया जा चुका है। हालांकि, सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार यूरोपीय आयोग द्वारा पिछले एक दशक में गूगल पर लगाए गए कुल जुर्माने की राशि इससे कम रही है और ट्रंप का यह दावा विवादित माना जा रहा है।

इसी महीने गूगल यूरोपीय संघ के 4.6 अरब यूरो के पुराने एंटी-ट्रस्ट जुर्माने के खिलाफ कानूनी लड़ाई भी हार गया था। यह मामला एंड्रॉयड परिचालन प्रणाली में गूगल सर्च और क्रोम को पहले से स्थापित कराने की शर्तों से जुड़ा था।

क्या है सेक्शन 301 जांच

सेक्शन 301 अमेरिकी सरकार की वह प्रक्रिया है, जिसके तहत यह जांच की जाती है कि किसी विदेशी देश की व्यापार नीतियां अमेरिकी कंपनियों के साथ भेदभावपूर्ण या अनुचित व्यवहार तो नहीं कर रही हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो अमेरिका संबंधित देश पर अतिरिक्त टैरिफ या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगा सकता है।

इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग ने भी यूरोपीय संघ की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिकी कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

Related Articles

नवीनतम लेख