गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के 22 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 10 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 44 हो गई है। फिलहाल 11 जिलों के 6,53,164 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
11 जिले और 939 गांव बाढ़ की चपेट में
बाढ़ से कार्बी आंगलोंग, गोलाघाट, चराईदेव, कामरूप, शिवसागर, जोरहाट, डिब्रूगढ़, नगांव, धेमाजी, होजाई और कामरूप (मेट्रो) जिले प्रभावित हैं। इन जिलों के 40 राजस्व मंडलों के 939 गांव जलमग्न हैं। करीब 24,897.27 हेक्टेयर कृषि भूमि भी बाढ़ के पानी में डूब गई है।
राज्य की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें बुढ़ीदिहिंग, दिखौ, धनसिरी और कुशियारा शामिल हैं, जबकि दिसांग नदी उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बह रही है।
मुख्यमंत्री ने किया प्रभावित इलाकों का दौरा
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिले का दौरा कर प्रभावित लोगों से मुलाकात की और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। राज्य सरकार के मंत्री और जनप्रतिनिधि भी राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
106 राहत शिविर, 8,409 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
राज्य सरकार ने 106 राहत शिविर और 381 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। राहत शिविरों में 24,418 लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि 2,90,826 लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
राहत एवं बचाव कार्य में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवक जुटे हैं। अब तक 56 नावों की मदद से 8,409 लोगों और 35 पशुओं को सुरक्षित निकाला गया है। शिवसागर जिले में एक हेलीकॉप्टर की मदद से बाढ़ में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
10 की मौत, छह लोग अब भी लापता
बीते 24 घंटे में कार्बी आंगलोंग में एक, चराईदेव में दो, शिवसागर में तीन, जोरहाट में तीन और धेमाजी में एक व्यक्ति की मौत हुई। वहीं, शिवसागर जिले में छह लोगों के लापता होने की सूचना है।
बाढ़ से 1,38,965 पशु प्रभावित हुए हैं, जबकि 107 पशु बह गए। प्रभावित लोगों के बीच चावल, दाल, नमक, सरसों का तेल और पशु चारा वितरित किया जा रहा है। बाढ़ के कारण सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
