काठमांडू। नेपाल ने पहली बार पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान भारत और बांग्लादेश को बिजली निर्यात कर 18 अरब 76 करोड़ 50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, घरेलू बिजली उत्पादन बढ़ने और ऑफ-सीजन में भी अच्छी वर्षा होने से बिजली निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई।
29.32 अरब रुपये की बिजली निर्यात, आयात पर 10.56 अरब खर्च
प्राधिकरण के मुताबिक, बीते वित्तीय वर्ष में नेपाल ने भारत और बांग्लादेश को 29 अरब 32 करोड़ 47 लाख रुपये की बिजली निर्यात की, जबकि बिजली आयात पर 10 अरब 56 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस तरह बिजली व्यापार से नेपाल को 18 अरब 76 करोड़ 50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
वित्तीय वर्ष 2025/26 में नेपाल ने कुल 3 अरब 87 करोड़ 74 लाख 92 हजार यूनिट बिजली निर्यात कर 29.32 अरब रुपये की आय अर्जित की। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 67.84 प्रतिशत अधिक है।
भारत को 1,000 मेगावाट, बांग्लादेश को 40 मेगावाट बिजली
नेपाल विद्युत प्राधिकरण वर्तमान में वर्षा ऋतु के दौरान भारत को 1,000 मेगावाट से अधिक और बांग्लादेश को 40 मेगावाट बिजली निर्यात कर रहा है।
नेपाल की अधिकांश जलविद्युत परियोजनाएं नदी प्रवाह आधारित प्रणाली पर संचालित होती हैं। पहले केवल मानसून के दौरान ही बिजली निर्यात संभव हो पाता था, लेकिन पिछले वर्ष मार्च और अप्रैल में भी अच्छी वर्षा होने से उत्पादन बढ़ा और पूरे वर्ष निर्यात जारी रखा गया।
हर साल बढ़ रही उत्पादन क्षमता
प्राधिकरण के प्रवक्ता राजन ढकाल ने बताया कि नेपाल में हर वर्ष 500 से 600 मेगावाट नई बिजली उत्पादन क्षमता जुड़ रही है। घरेलू जरूरत पूरी होने के बाद बची हुई बिजली का निर्यात किया जा रहा है, जिससे विदेशी मुद्रा आय लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि मानसून में जलस्तर बढ़ने से बिजली उत्पादन अधिक होता है और इसी अवधि में निर्यात भी सबसे ज्यादा रहता है। वहीं सर्दियों में उत्पादन घटने पर घरेलू मांग पूरी करने के लिए भारत से बिजली आयात किया जाता है।
