नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आज प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, बीते कई दिनों से अनशन पर बैठे प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने के लिए सरकार और विपक्ष के सामने तीन बड़ी शर्तें रख दी हैं। दूसरी ओर, उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए उनकी पत्नी ने उन्हें निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट की खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया है।
अनशन खत्म करने के लिए वांगचुक की तीन शर्तें:
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर अपनी शर्तें साझा करते हुए स्पष्ट किया है कि वे अपना अनशन तभी तोड़ेंगे, जब इन तीन में से कोई एक शर्त पूरी होगी:
-
सरकार देश की शिक्षा व्यवस्था की कमियों और हाल ही में हुए प्रश्नपत्र (पेपर) लीक जैसे गंभीर मामलों की जिम्मेदारी सार्वजनिक रूप से स्वीकार करे।
-
सीजेपी (CJP) का नेतृत्व संसद के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचे और वहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद उन्हें भरोसा दिलाएं कि वे इस मुद्दे को सदन के भीतर मजबूती से उठाएंगे।
-
यदि स्वास्थ्य कारणों से वे खुद वहां जाने में असमर्थ रहते हैं, तो विभिन्न दलों के सांसद अस्पताल आकर उन्हें यही आश्वासन दें।
पांच बड़े मेट्रो स्टेशन बंद, लुटियंस दिल्ली छावनी में तब्दील
सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने बड़ा फैसला लेते हुए जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक आम यात्रियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। संसद परिसर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और वज्र वाहनों को तैनात किया गया है। संसद मार्ग थाना क्षेत्र की घेराबंदी कर चारों तरफ कड़े बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
