नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से सोमवार को मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि यूरोपीय बाजारों में मिश्रित रुख रहा। एशियाई बाजारों में भी सोमवार सुबह अलग-अलग रुझान देखने को मिले।
कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहराई है, जिसका असर अमेरिकी बाजारों पर भी दिखाई दिया।
पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जॉन्स 406.55 अंक यानी 0.77 प्रतिशत गिरकर 52,146.42 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 सूचकांक 76.08 अंक यानी 1.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,457.69 अंक पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 361.70 अंक यानी 1.40 प्रतिशत टूटकर 25,520.24 अंक पर पहुंच गया। हालांकि डाउ जॉन्स वायदा कारोबार में हल्की बढ़त के संकेत मिल रहे हैं।
यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख
यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में भी मिश्रित कारोबार रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि फ्रांस का सीएसी और जर्मनी का डीएएक्स सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
एशियाई बाजारों में भी मिश्रित कारोबार
एशियाई बाजारों में सोमवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। गिफ्ट निफ्टी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जिससे घरेलू शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और ताइवान का प्रमुख सूचकांक भी दबाव में हैं।
वहीं चीन का शंघाई कंपोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। टोक्यो शेयर बाजार में अवकाश के कारण कारोबार नहीं हो रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी, जिससे बाजार की दिशा तय होगी।
