नई दिल्ली । भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत चंडीगढ़ में मंगलवार को पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा (टीसीआईएम) पर बैठक आयोजित की गई। बैठक में ब्रिक्स देशों ने पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, शोध को बढ़ावा देने और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा की।
टीसीआईएम विशेषज्ञ कार्य समूह के गठन की तैयारी
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और आयुष मंत्रालय की ओर से आयोजित इस बैठक में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में ब्रिक्स पारंपरिक, पूरक और एकीकृत चिकित्सा विशेषज्ञ कार्य समूह के गठन के लिए तैयार मसौदे को सदस्य देशों की सहमति से अंतिम रूप दिया गया। यह समूह पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध, शिक्षा, नीति निर्माण और नियामकीय सहयोग को बढ़ावा देने का काम करेगा।
योग और आयुष परंपरा का दिखा प्रभाव
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने बैठक का उद्घाटन किया। उन्होंने भारत की आयुष परंपरा और वैश्विक स्तर पर पारंपरिक चिकित्सा सहयोग बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में लगाए गए आयुष क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने आयुष आहार, स्वास्थ्य एवं आरोग्य परामर्श, योग गतिविधियों और भारत की औषधीय वनस्पति परंपरा की जानकारी ली।
बैठक में पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र में क्षमता निर्माण, शिक्षा, मानव संसाधन विकास, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के आदान-प्रदान और शोध साझेदारी जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
