नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने यूको बैंक को 47.37 करोड़ रुपये का कथित नुकसान पहुंचाने से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में बुधवार को कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु में कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मेसर्स जुपिटर बायो साइंसेज लिमिटेड, उसके प्रबंध निदेशक, निदेशकों तथा अज्ञात लोकसेवकों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज मामले में की गई।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला यूको बैंक, हैदराबाद की शिकायत पर दर्ज किया गया है। तेलंगाना उच्च न्यायालय के 5 मार्च और 24 अप्रैल के आदेशों के अनुपालन में एजेंसी ने 29 जून को प्राथमिकी दर्ज की थी।
फर्जी दस्तावेजों से ऋण लेने का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी और उससे जुड़े लोगों ने बैंक से ऋण सुविधाएं प्राप्त करने के लिए फर्जी और मनगढ़ंत प्रोफार्मा चालान प्रस्तुत किए। इसके अलावा गिरवी रखी गई संपत्तियों के बढ़े हुए मूल्यांकन से संबंधित दस्तावेज भी जमा किए गए, जिससे बैंक को 47.37 करोड़ रुपये का कथित नुकसान हुआ।
छापेमारी में मिले अहम दस्तावेज
मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने चार राज्यों में समन्वित अभियान चलाते हुए कंपनी के निदेशकों से जुड़े आवासीय परिसरों सहित कई ठिकानों पर तलाशी ली।
एजेंसी ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। इनमें धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े रिकॉर्ड और जांच से संबंधित अन्य सामग्री शामिल है। सीबीआई अब इन दस्तावेजों की जांच कर कथित साजिश, धन के प्रवाह और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगा रही है।
