नई दिल्ली। ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मंच देने वाला ईशा ग्रामोत्सव अब उत्तर भारत के राज्यों में भी आयोजित होगा। अपने 18वें संस्करण में यह प्रतियोगिता पहली बार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र तक पहुंचेगी। इसके साथ ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी सहित कुल 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की भागीदारी होगी।
नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में ग्रामोत्सव के राष्ट्रीय समन्वयक स्वामी पुलका ने बताया कि इस वर्ष लगभग 40 हजार गांवों से 80 हजार खिलाड़ी सात हजार टीमों के माध्यम से हिस्सा लेंगे। इनमें करीब 15 हजार महिला खिलाड़ी भी शामिल होंगी।
एक करोड़ रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि
प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग की वॉलीबॉल और महिला वर्ग की थ्रोबॉल स्पर्धा आयोजित की जाएगी। ग्रैंड फिनाले की विजेता टीमों को पांच-पांच लाख रुपये, उपविजेता टीमों को तीन-तीन लाख रुपये, जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रमशः एक लाख और 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी।
क्लस्टर और मंडल स्तर की प्रतियोगिताओं में भी नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके अलावा पैरा खिलाड़ियों के लिए विशेष पुरस्कार भी निर्धारित किए गए हैं। कुल पुरस्कार राशि एक करोड़ रुपये से अधिक रखी गई है।
जुलाई से शुरू होंगे मुकाबले
प्रतियोगिता का आयोजन बहु-स्तरीय प्रारूप में होगा। इसमें क्लस्टर स्तर, मंडल स्तर और ग्रैंड फिनाले शामिल रहेगा। क्लस्टर स्तर के मुकाबले जुलाई के दूसरे सप्ताह से शुरू होंगे, जबकि ग्रैंड फिनाले छह सितंबर को कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में आयोजित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में 25 और 26 जुलाई को लखनऊ, वाराणसी, मुजफ्फरनगर और मेरठ में क्लस्टर मुकाबले होंगे। इसके बाद एक और दो अगस्त को गौतम बुद्ध नगर में मंडल स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
हरियाणा में 25 और 26 जुलाई को पानीपत, करनाल और अंबाला में क्लस्टर मुकाबले होंगे। इसके बाद एक और दो अगस्त को हिसार और कुरुक्षेत्र में अगले चरण के मैच होंगे। मंडल स्तर की प्रतियोगिता नौ अगस्त को करनाल में आयोजित होगी।
महिलाओं को मिला नया आत्मविश्वास
देवरायापुरम गांव की थ्रोबॉल खिलाड़ी नंदिनी दुरईसामी ने कहा कि ग्रामोत्सव से पहले ग्रामीण महिलाओं के लिए खेल के अवसर बहुत कम थे। इस प्रतियोगिता ने महिलाओं को घर से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा दिखाने का आत्मविश्वास दिया है। उन्होंने बताया कि अभ्यास के लिए उन्हें प्रतिदिन करीब 120 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन ईशा की ओर से परिवहन, भोजन, खेल सामग्री और प्रशिक्षण की सुविधा मिलने से उनका सफर आसान हुआ।
ईशा ग्रामोत्सव को भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संगठन के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह प्रतियोगिता ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।
