कॉरपोरेट कर में 22 फीसदी की बढ़ोतरी, 13 जुलाई तक जारी हुए 1.22 लाख करोड़ रुपये के रिफंड
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 13 जुलाई तक देश का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.40 फीसदी बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस वृद्धि में कॉरपोरेट कर का सबसे बड़ा योगदान रहा, जबकि सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह भी 16.11 फीसदी बढ़कर 7.73 लाख करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया।
आयकर विभाग की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 22 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 2.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। वहीं, गैर-कॉरपोरेट कर से राजस्व संग्रह करीब 12 फीसदी बढ़कर 3.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया।
1.22 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी
आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने 13 जुलाई तक 1.22 लाख करोड़ रुपये के कर रिफंड जारी किए हैं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 14.57 फीसदी अधिक है।
सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 7.73 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जिसमें कॉरपोरेट कर से 3.35 लाख करोड़ रुपये से अधिक और गैर-कॉरपोरेट कर से करीब 4.12 लाख करोड़ रुपये का योगदान शामिल है।
26.97 लाख करोड़ रुपये का है लक्ष्य
आयकर विभाग ने बताया कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह, रिफंड और शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह के अद्यतन आंकड़े जारी कर दिए गए हैं।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में 26.97 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह वित्त वर्ष 2025-26 में जुटाए गए 23.40 लाख करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 15 फीसदी अधिक है।
