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Saturday, July 11, 2026

कोल्हान में नक्सलियों पर कार्रवाई और तेज करने के निर्देश, डीजीपी ने समन्वय बढ़ाने पर दिया जोर

चाईबासा। झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा ने कहा कि कोल्हान प्रमंडल में नक्सलियों की स्थिति पहले की तुलना में काफी कमजोर हुई है, लेकिन सुरक्षा बलों को किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। उन्होंने झारखंड पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को आपसी समन्वय के साथ नक्सल विरोधी अभियान और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

एक दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को चाईबासा पहुंचीं डीजीपी ने जिला समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कोल्हान क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और नक्सल विरोधी अभियान की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

बैठक में पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में नक्सली गतिविधियों, सुरक्षा बलों की तैनाती और चल रहे अभियानों की विस्तार से समीक्षा की गई।

चाईबासा पहुंचने पर कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने डीजीपी का स्वागत किया। बैठक में सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

विकास कार्यों में बाधा डालने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

डीजीपी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित गांवों में पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से विश्वास बहाली अभियान चलाएं, ताकि ग्रामीणों का भरोसा बढ़े और विकास योजनाएं बिना बाधा आगे बढ़ सकें।

उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

तदाशा मिश्रा ने आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, प्रभावी तलाशी अभियान और सुरक्षा बलों के बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फील्ड में तैनात जवानों का मनोबल ऊंचा बनाए रखना और परिस्थितियों के अनुरूप त्वरित निर्णय लेना नक्सल विरोधी अभियान की सफलता के लिए आवश्यक है।

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