रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने हाईस्कूल प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति (विज्ञापन संख्या 21/2016) से जुड़े मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को राहत देते हुए अवमानना याचिका निष्पादित कर दी। अदालत ने कहा कि संबंधित मामले में आयोग की अपील अभी खंडपीठ में लंबित है, इसलिए फिलहाल अवमानना याचिका विचारणीय नहीं है।
खंडपीठ में लंबित है जेएसएससी की अपील
न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में संदीप कुमार की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता का आरोप था कि एकल पीठ के आदेश का पालन नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि एकल पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि इस मामले में मीना कुमारी की रिट याचिका में पारित आदेश लागू होगा। साथ ही यह भी कहा गया था कि इस मामले पर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से मीना कुमारी के फैसले के खिलाफ दायर अपील (एलपीए) का प्रभाव रहेगा।
अदालत ने माना कि चूंकि जेएसएससी की अपील अभी खंडपीठ में लंबित है, इसलिए इस स्तर पर अवमानना याचिका पोषणीय नहीं है। इसके बाद अदालत ने अवमानना याचिका को निष्पादित कर दिया।
क्या है मामला
याचिकाकर्ता संदीप कुमार का कहना था कि हाईस्कूल प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में उनके अंक अधिक होने के बावजूद उनका चयन नहीं किया गया। वहीं, जेएसएससी की ओर से अदालत में कहा गया कि राज्यस्तरीय मेधा सूची के आधार पर याचिकाकर्ता के अंक चयन के लिए पर्याप्त नहीं थे, इसलिए उनका चयन नहीं किया गया।
मामले में जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पक्ष रखा।
