30.6 C
Kolkata
Saturday, July 11, 2026

फर्जी दस्तावेज से 20 लाख रुपये का ऋण लेने का आरोप, जांच में जुटी पुलिस

नवादा। बिहार के नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड में कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे की पुश्तैनी संपत्ति पर 20 लाख रुपये का बैंक ऋण लेने का मामला सामने आया है। घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब बैंक के कर्मचारी ऋण की वसूली के लिए वास्तविक मकान मालिक के घर पहुंचे। मामले की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

वसूली के लिए पहुंचे बैंक कर्मी, तब सामने आया मामला

मामला नवादा जिले के तुंगी पंचायत के रामपुर मंझवे गांव का है। गांव निवासी एवं पूर्व पैक्स अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद के पुत्र अंकित कुमार उर्फ जितेंद्र यादव ने बताया कि गुरुवार को उत्कर्ष बैंक के कर्मचारी उनके घर पहुंचे। बैंक कर्मियों ने बताया कि सुलेखा देवी, पति हीरा विश्वकर्मा के नाम पर 20 लाख रुपये का ऋण लिया गया है और उसकी वसूली के लिए वे आए हैं। यह सुनकर परिवार के लोग हैरान रह गए, क्योंकि जिस मकान के आधार पर ऋण स्वीकृत हुआ, वह उनकी पुश्तैनी संपत्ति है।

पीड़ित अंकित कुमार का आरोप है कि उनके पड़ोसी ने कथित रूप से उनकी संपत्ति के फर्जी दस्तावेज और वीडियो का इस्तेमाल कर अपनी पत्नी के नाम पर बैंक से ऋण प्राप्त कर लिया। परिवार का कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी और बैंक की वसूली टीम के घर पहुंचने के बाद ही कथित धोखाधड़ी का पता चला।

शिकायत दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने हिसुआ थाना में आवेदन देकर संबंधित लोगों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

हिसुआ थानाध्यक्ष मृत्युंजय ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण स्वीकृत किया गया और कथित अनियमितता कैसे हुई

Related Articles

नवीनतम लेख