बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत सोमवार शाम कर्नाटक के बेलगावी पहुंचेंगे। उनके आगमन के साथ ही 10 से 12 जुलाई तक आयोजित होने वाली संघ की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच जाएंगी। बैठक में संगठन विस्तार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों और समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर मंथन होगा।
देशभर के वरिष्ठ प्रचारक होंगे शामिल
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के अनुसार, बैठक में संघ के सभी 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक, सह प्रांत प्रचारक, क्षेत्र प्रचारक और सह क्षेत्र प्रचारक भाग लेंगे। इसके अलावा संघ से प्रेरित 32 संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी बैठक में शामिल होंगे।
बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों, सेवा कार्यों और विस्तार अभियानों की समीक्षा की जाएगी। मार्च में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बाद अप्रैल, मई और जून में चले प्रशिक्षण वर्गों के अनुभवों तथा शाखा विस्तार अभियान की प्रगति पर भी चर्चा होगी।
शताब्दी वर्ष की रणनीति पर होगा मंथन
बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही विजयादशमी (20 अक्टूबर 2026) तक आयोजित होने वाले शेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी। वर्ष 2026 के प्रशिक्षण वर्गों के प्रतिवेदन, संगठनात्मक कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श होगा।
समसामयिक मुद्दों पर भी होगी चर्चा
बैठक में संगठनात्मक विषयों के अलावा वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों, जनगणना सहित विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। देशभर से आए प्रचारक अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा करेंगे, जिनके आधार पर संगठन की आगामी रणनीति तय की जाएगी।
इस बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, सी. आर. मुकुंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, आलोक कुमार और अतुल लिमये सहित संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी भाग लेंगे।
