कोच्चि। केरल के कोच्चि में सोमवार से ब्रिक्स देशों के महिला वर्किंग ग्रुप की चार दिवसीय बैठक शुरू हो रही है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में महिला सशक्तीकरण, डिजिटल एवं आर्थिक समावेशन, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सतत विकास जैसे अहम विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। सम्मेलन में सदस्य देशों के प्रतिनिधि साझा रणनीति और संयुक्त घोषणापत्र के मसौदे पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन की थीम “सशक्तीकरण, नवाचार, सहयोग और स्थिरता” रखी गई है। इसमें भारत के अलावा ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन के पहले चरण में 6 और 7 जुलाई को बोलगट्टी पैलेस और ग्रैंड हयात होटल में तकनीकी बैठकें आयोजित होंगी। इनमें महिला सशक्तीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्थिक अवसरों के विस्तार, वित्तीय समावेशन और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।
मंत्री-स्तरीय बैठक में बनेगी साझा रणनीति
दूसरे चरण में 8 और 9 जुलाई को मंत्री-स्तरीय बैठकें होंगी, जिनमें भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी करेंगी। सदस्य देशों के मंत्री संयुक्त महिला मंत्री-स्तरीय घोषणापत्र के मसौदे पर विचार करेंगे। सम्मेलन के अंतिम दिन 9 जुलाई को इस घोषणापत्र को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
महिला नेतृत्व और उद्यमिता पर विशेष फोकस
सम्मेलन के दौरान महिला नेतृत्व, डिजिटल समावेशन, आर्थिक आत्मनिर्भरता, नवाचार आधारित उद्यमिता और स्थानीय स्तर पर महिलाओं की भागीदारी पर विशेष पैनल चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इसमें नीति-निर्माता, विशेषज्ञ और सदस्य देशों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। साथ ही केरल के सामाजिक विकास मॉडल, स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों और महिला सहभागिता के सफल प्रयासों को भी प्रस्तुत किया जाएगा।
8 और 9 जुलाई को ग्रैंड हयात होटल परिसर में विशेष प्रदर्शनी का आयोजन होगा, जिसमें कौशल विकास, महिला उद्यमिता, वित्तीय समावेशन और विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। सम्मेलन के समापन पर महिला सशक्तीकरण, समावेशी विकास, डिजिटल भागीदारी और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए साझा रणनीति और प्रमुख निष्कर्ष जारी किए जाने की संभावना है।
