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Tuesday, July 7, 2026

सहकारिता आंदोलन को मिली नई पहचान, स्वतंत्र मंत्रालय ने बदली तस्वीर : अमित शाह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गठित स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय ने वर्षों से उपेक्षित सहकारिता आंदोलन को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप के लिए नहीं, बल्कि सहकारी संस्थाओं को मजबूत, आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है।

पांच वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में बड़े बदलाव

नई दिल्ली। सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पांच वर्ष पहले स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय का गठन कर 30 करोड़ से अधिक सहकारिता से जुड़े लोगों और 8.5 लाख से अधिक सहकारी संस्थाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी की गई। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के गठन के समय राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप की आशंकाएं जताई गई थीं, लेकिन पिछले पांच वर्षों में किसी भी राज्य ने ऐसी शिकायत नहीं की।

उन्होंने कहा कि सहकारी व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। सहकारिता को केवल प्राथमिक स्तर तक सीमित रखने के बजाय कृषि ऋण, डेयरी, उर्वरक वितरण और ग्रामीण सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसका विस्तार किया गया है।

डिजिटल सशक्तिकरण और नई परियोजनाओं की शुरुआत

अमित शाह ने बताया कि सहकारी संस्थाओं के लिए रैंकिंग फ्रेमवर्क शुरू किया गया है। साथ ही त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के माध्यम से बैंकिंग, डेयरी, कृषि, विपणन और उर्वरक क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित पेशेवर तैयार किए जाएंगे, जिससे सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान 135 अन्न भंडारण गोदामों का हस्तांतरण, 85 गोदामों का लोकार्पण और 47 गोदामों का शिलान्यास किया गया। इसके अलावा ‘सहकार वन’, एनसीडी 3.0, जियो-टैग मोबाइल एप, डेयरी क्षेत्र से जुड़ी नई पहल, ‘सहकार सीबीएस’ केंद्रीकृत कोर बैंकिंग प्रणाली तथा एआई आधारित ‘सहकार सहयोगी’ मंच का भी शुभारंभ किया गया।

शाह ने बताया कि 50 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) का ई-पैक्स में रूपांतरण सहकारिता क्षेत्र के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अवसर पर बीज प्रणाली को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए तथा डेयरी सहकारी समितियों के लिए आदर्श उप-विधियों और मंत्रालय की पांच वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया गया।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया याद

अपने संबोधन में अमित शाह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रवाद और भारतीयता की भावना को मजबूत करने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 हटाकर डॉ. मुखर्जी के सपने को साकार किया गया। केंद्र सरकार उनकी 125वीं जयंती पूरे देश में व्यापक स्तर पर मनाएगी।

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