वाराणसी। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन अपनी पत्नी सबिहा हसनैन के साथ धार्मिक नगरी काशी के प्रवास पर हैं। इस दौरान उन्होंने दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की दैनिक महाआरती में हाजिरी लगाई और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। गंगा आरती की दिव्यता और काशी की आध्यात्मिक विरासत को देखकर राज्यपाल पूरी तरह अभिभूत नजर आए।
7 मिनट 58 सेकेंड के शंखनाद ने किया अचंभित
महाआरती की शुरुआत से पहले अर्चक रामजन्म योगी ने लगातार 7 मिनट 58 सेकेंड तक महाशंखनाद किया। इतने लंबे समय तक बिना रुके शंख की ध्वनि सुनकर राज्यपाल आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने खुद रामजन्म योगी को माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया और इस अद्भुत कला की खुलकर प्रशंसा की। राज्यपाल करीब एक घंटे से भी अधिक समय तक घाट पर मौजूद रहे और पूरी उत्सुकता से वहां की परंपराओं को समझा।
विजिटर बुक में लिखा— ‘भगवती मां गंगा के आशीर्वाद की अनुभूति हुई’
गंगा आरती के दिव्य दर्शन के बाद राज्यपाल ने गंगा सेवा निधि की विजिटर बुक में अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा:
“इस विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती को देखना एक अद्भुत अनुभव रहा। हमने पहले सिर्फ इसके बारे में सुना था, लेकिन आज आरती के साक्षात दर्शन करके अलौकिक शांति मिली। ऐसा लगा जैसे साक्षात भगवती मां गंगा के आशीर्वाद की अनुभूति हो रही हो।”
अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर हुआ स्वागत
दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी और सचिव सुरजीत सिंह ने राज्यपाल को अंगवस्त्र, प्रसाद और मोमेंटो भेंट कर काशी की परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया। गौरतलब है कि राज्यपाल सैयद अता हसनैन काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में आयोजित “21वीं सदी के लिए शैक्षिक सुधार: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत के आलोक में शिक्षा का पुनर्परिकल्पन” विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वंदे भारत एक्सप्रेस से वाराणसी पहुंचे हैं।
