फिल्म-निर्देशक विनोद कपड़ी की फ़िल्म पायर (Pyre) ने अंतरराष्ट्रीय समारोहों में अपनी धमाकेदार प्रस्तुति से तीन हफ्तों के भीतर चार प्रमुख पुरस्कार अपने नाम किए हैं। यह उनकी अभिनय, विषय और प्रस्तुति की ताकत का प्रतीक है।
इसका सफर ऐसे शुरू हुआ कि अमेरिका में DC South Asian Film Festival में पायर को “Best Feature Film” की उपाधि मिली। इसके बाद India International Film Festival of Boston में इसे दो अवार्ड — “Best Feature Film” और “Best Director” — दिए गए। इस उपलब्धि ने इस फिल्म की ग्लोबल छवि को और मजबूत किया।
फिर हाल ही में Chicago South Asian Film Festival ने पायर को “Audience Choice Award / Best Film” से सम्मानित किया, जिससे यह फिल्म अब तक की अपनी सफलता को और भी ऊँचा ले गई है।
पायर की कहानी एक वृद्ध दम्पत्ति — पदम और तुलसी — की है, जो हिमालयी गांव में अकेले जीवन जी रहे हैं। उनसे अलग हुए बेटे द्वारा तीस साल बाद भेजी गई एक चिट्ठी उनकी उम्मीदों को फिर से जगा देती है।
इस तरह की लगातार प्रतिष्ठाएँ यह संदेश देती हैं कि सशक्त विषय, सादा लेकिन संवेदनशील प्रस्तुति और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा मंचों पर दर्शकों से संवाद करना किस तरह एक फिल्म को विश्व स्तर पर पहचान दिला सकता है।


