नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले सात दिनों से आमरण अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ने का दावा उनके समर्थकों ने किया है। हालांकि, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या चिकित्सकीय अधिकारी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
समर्थकों ने वजन घटने और ब्लड प्रेशर कम होने का किया दावा
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर दावा किया कि अनशन के दौरान सोनम वांगचुक का वजन करीब 5.5 किलोग्राम कम हो गया है। उनके अनुसार, वांगचुक का शुगर स्तर और ब्लड प्रेशर भी सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
अभिजीत दीपके ने यह भी दावा किया कि सोनम वांगचुक ने कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते या सरकार उन्हें पद से नहीं हटाती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
सरकार से समाधान निकालने की अपील
समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गिरती स्वास्थ्य स्थिति के बीच वांगचुक को कोई नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की अपील की है।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर पिछले 15 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी आंदोलन के तहत सोनम वांगचुक पिछले सात दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं।
