केंद्र सरकार ने पीएम-सीएम और मंत्रियों को जेल में 30 दिन बिताने पर पद से हटाने वाले कानून के लिए बिल फिर से पेश कर सकती है। ये संविधान का 130वां संशोधन विधेयक है, जिसे पिछले साल गृह मंत्री अमित शाह ने अगस्त में पेश किया था। लेकिन विपक्ष के विरोध के बाद इसे जेपीसी के पास भेज दिया गया था।
मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो सकता है और इस बार कई अहम बिल पेश हो सकते हैं। बता दें कि पहले भी यह बिल पेश किया गया था, लेकिन विपक्ष के विरोध के बाद यह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका था। हांलांकि, अब यह लगभग तय हो गया है कि इस बार मानसून सेशन में यह बिल पेश किया जाएगा और इसे पास कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल के इंतजाम में भी सरकार जुट गई है।
हालांकि अधिकांश विपक्षी दलों ने इस जेपीसी का बहिष्कार किया है। सूत्रों के अनुसार बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता में बनी जेपीसी की 17 जुलाई की बैठक में इस बारे में रिपोर्ट को मंजूरी दी जा सकती है। गृहमंत्री अमित शाह ने इससे जुड़े 3 बिलों को पिछले मानसून सत्र में संसद के दोनों सदनों में रखा था, जिसके बाद इसे इन्हें JPC को भेजने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया था।
