भागलपुर। एसएम कॉलेज के सभागार में बुधवार को स्नातक सीबीसीएस सत्र 2026-2030 के सेमेस्टर-वन में नामांकित नई छात्राओं के लिए इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. निशा झा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत कुलगीत और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जबकि समापन राष्ट्रगान से किया गया।
अनुशासन और नियमित उपस्थिति पर दिया जोर
प्राचार्य प्रो. निशा झा ने नई छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि छात्राएं महाविद्यालय की रीढ़ हैं। उन्होंने बताया कि कक्षाओं में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है और ड्रेस कोड का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने छात्राओं से अनुशासन के साथ पढ़ाई करने, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा कठिन परिश्रम, समर्पण और ईमानदार प्रयास से अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। साथ ही महाविद्यालय के गौरवशाली इतिहास से भी छात्राओं को अवगत कराया।
नई शिक्षा नीति और पाठ्यक्रम की दी जानकारी
यूजी सीबीसीएस के समन्वयक डॉ. सुमित कुमार ने चार वर्षीय सेमेस्टर आधारित स्नातक पाठ्यक्रम और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की प्रमुख विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी। वहीं राजनीति विज्ञान विभाग के शिक्षक एवं टीएमबीयू के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार दिनकर ने महाविद्यालय के अनुशासन, शैक्षणिक वातावरण और कक्षा संचालन व्यवस्था की जानकारी साझा की।
हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. आशा तिवारी ओझा ने छात्राओं से अपनी प्रतिभा को निखारने और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देने की अपील की। स्पोर्ट्स प्रभारी डॉ. अनुराधा प्रसाद ने खेल गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया, जबकि डॉ. हिमांशु शेखर ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और डॉ. प्रीति ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन मनोविज्ञान विभाग की शिक्षिका डॉ. सांत्वना कुमारी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के कई शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में नव नामांकित छात्राएं उपस्थित रहीं।
