नई दिल्ली। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोना तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता और बेंगलुरु में सक्रिय एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान विदेशी मूल का करीब 9 किलो सोना, 42 किलो चांदी, 700 ग्राम सोने के गहने, 8.15 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा और 26.67 लाख रुपये भारतीय नकदी बरामद की गई। मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ट्रेनों से दिल्ली पहुंचता था तस्करी का सोना
डीआरआई के अनुसार गिरोह पूर्वोत्तर राज्यों से अलग-अलग ट्रेनों के जरिए सोना दिल्ली लाता था। राजधानी के एक घनी आबादी वाले इलाके में अवैध रूप से सोना गलाने की इकाई भी संचालित की जा रही थी।
26 जून को डीआरआई ने पश्चिम बंगाल के न्यू कूचबिहार रेलवे स्टेशन और बिहार के मंसी जंक्शन पर दो तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से करीब दो किलो सोना बरामद हुआ। इसी दिन दिल्ली में दो अन्य लोगों को 1.2 किलो सोने के साथ पकड़ा गया। इन गिरफ्तारियों के बाद अवैध सोना गलाने की इकाई का खुलासा हुआ।
इसी दिन एक अन्य कार्रवाई में मिजोरम के सैरांग से कोलकाता जा रही एक महिला तस्कर को पकड़ा गया। उसके कमरबंद में छिपाकर रखी गई 20 सोने की ईंटें बरामद हुईं, जिनका कुल वजन 3.3 किलो था।
चेन्नई और बेंगलुरु में भी बड़ी बरामदगी
चेन्नई में डीआरआई ने घरेलू हवाई मालवाहक सेवा के माध्यम से विदेशी मुद्रा की तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। यहां से 7,58,500 अमेरिकी डॉलर और 35 लाख थाई बाहट बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 8.15 करोड़ रुपये है। जांच में सामने आया कि इस विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल भारत से बाहर सोना और चांदी की तस्करी के लिए किया जा रहा था।
वहीं, बेंगलुरु हवाई अड्डे पर दुबई से लौटे एक यात्री के पास से 1.8 किलो सोना बरामद किया गया। उसके घर की तलाशी में 42 किलो चांदी, 700 ग्राम सोने के गहने और 26.67 लाख रुपये नकद भी मिले।
जांच जारी, हो सकते हैं और खुलासे
डीआरआई ने कहा कि यह कार्रवाई दर्शाती है कि विदेशी मुद्रा की अवैध खरीद-फरोख्त और उसे विदेश भेजने का नेटवर्क सीधे तौर पर सोना-चांदी की तस्करी से जुड़ा हुआ है। एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तार सभी आठ आरोपितों से पूछताछ जारी है और जांच आगे बढ़ने के साथ कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
