नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की फॉरेनर सेल ने आजादपुर इलाके से दो बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में एक ऐसा व्यक्ति भी शामिल है जिसे पिछले वर्ष बांग्लादेश डिपोर्ट किया गया था, लेकिन वह दोबारा अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर गया। दोनों के पास से प्रतिबंधित आईएमओ ऐप वाले दो स्मार्टफोन, बांग्लादेशी पहचान पत्र और एक मिर्ची स्प्रे बरामद किया गया है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
उत्तर-पश्चिमी जिले की पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहम्मद रुहुल अमीन उर्फ तुली दास और एमडी जीबोन मियां उर्फ लिली के रूप में हुई है। दोनों बांग्लादेश के निवासी हैं और उनके पास भारत में रहने के लिए कोई वैध यात्रा दस्तावेज नहीं मिले।
उन्होंने बताया कि 25 जून को गुप्त सूचना मिली थी कि महेंद्र पार्क थाना क्षेत्र के एनएस मंडी, आजादपुर इलाके में दो बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। इसके बाद इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
एक आरोपित पहले भी हो चुका था डिपोर्ट
पुलिस जांच में पता चला कि रुहुल अमीन को जून 2025 में भी फॉरेनर सेल ने गिरफ्तार किया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे बांग्लादेश भेज दिया गया था, लेकिन वह दोबारा अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर महेंद्र पार्क इलाके में रहने लगा। पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में किए कई खुलासे
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे रात के समय आजादपुर मंडी क्षेत्र में ट्रांसजेंडर का भेष धारण कर ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करते थे। पुलिस का दावा है कि वे कथित तौर पर ग्राहकों पर मिर्ची स्प्रे का भी इस्तेमाल करते थे। रुहुल अमीन के बैग से एक मिर्ची स्प्रे बरामद हुआ है।
दूसरा आरोपित जीबोन मियां इलाके में रसोइए का काम करता था और दोनों साथ रह रहे थे। पुलिस ने दोनों के कब्जे से प्रतिबंधित आईएमओ ऐप वाले दो स्मार्टफोन और बांग्लादेशी पहचान पत्र भी जब्त किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
