नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मनरेगा के बकाया भुगतान, नई विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी योजना (वीबी-जी राम जी) तथा ग्रामीण रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मनरेगा को कमजोर किया है, राज्यों का बकाया भुगतान नहीं किया और नई योजना के जरिए राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला जा रहा है।
मनरेगा का बकाया भुगतान नहीं होने का आरोप
मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि लोकसभा में दिए गए एक जवाब के अनुसार मार्च तक 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का 17,144.13 करोड़ रुपये बकाया था। इसमें 7,846.25 करोड़ रुपये मजदूरी देनदारी भी शामिल है। उन्होंने सवाल उठाया कि मजदूरों को उनके हक का भुगतान अब तक क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने दावा किया कि एक जुलाई से लागू होने वाली वीबी-जी राम जी योजना के बावजूद कई राज्यों को मनरेगा का बकाया नहीं मिला है। उनके अनुसार कर्नाटक के करीब 700 करोड़ रुपये, झारखंड के लगभग 900 करोड़ रुपये तथा तेलंगाना और तमिलनाडु के भी भुगतान लंबित हैं।
नई योजना पर उठाए कई सवाल
खरगे ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान मनरेगा में मजदूरी का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी, जबकि नई योजना में कुल खर्च का 40 प्रतिशत राज्यों को उठाना होगा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने इस वित्तीय व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग की है।
उन्होंने नई योजना में 60 दिन तक कार्य बंद रखने के प्रावधान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे किसानों और ग्रामीण मजदूरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका दावा है कि 125 दिन रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों पर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
400 रुपये दैनिक मजदूरी की मांग दोहराई
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कम से कम पांच राज्यों ने मनरेगा मजदूरी बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से मनरेगा के तहत 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग करती रही है और सरकार को इस दिशा में कदम उठाना चाहिए।
खरगे ने मानसून और कृषि स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि जून में सामान्य से कम वर्षा और प्रभावित खरीफ बुआई के बीच ग्रामीण रोजगार योजनाओं को कमजोर करना मजदूरों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और गरीब तबकों के हित में नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इन सभी मुद्दों पर जवाब देने की मांग की।
