नई दिल्ली। चुनाव आयोग की विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखे जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। भाजपा ने कहा कि विपक्ष अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है।
‘जीत पर भरोसा, हार पर सवाल’
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि 23 विपक्षी दल एक ओर एसआईआर का विरोध कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कर्नाटक में भी यही प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने इसे विपक्ष की “चरम पाखंड” की राजनीति करार दिया।
उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो न एसआईआर पर सवाल उठाता है और न ही ईवीएम पर, लेकिन हार मिलने पर यही संस्थाएं और प्रक्रियाएं उसके निशाने पर आ जाती हैं।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप
शहज़ाद पूनावाला ने कहा, “विपक्ष के लिए एसआईआर सिर्फ बहाना है, खुद को बचाना असली निशाना है।” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर जनता का ध्यान अपनी राजनीतिक असफलताओं से हटाने की कोशिश कर रहा है।
23 विपक्षी दलों ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा है पत्र
उल्लेखनीय है कि 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भेजकर चुनाव आयोग की विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर चिंता जताई है। पत्र पर आम आदमी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) सहित कई दलों के हस्ताक्षर हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा की है।
