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Tuesday, June 23, 2026

बोकारो लापता युवती मामला: सीएफएसएल की डीएनए रिपोर्ट हाई कोर्ट में पेश, 25 जून को होगी अगली सुनवाई

रांची । बोकारो के बहुचर्चित लापता युवती मामले (पिंडराजोड़ा थाना कांड संख्या 147/2025) में एक बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक प्रगति हुई है। कोलकाता स्थित केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) से युवती के माता-पिता और जंगल से बरामद कंकाल के डीएनए (DNA) नमूनों के मिलान की रिपोर्ट मिल गई है। मंगलवार को झारखंड उच्च न्यायालय ने सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की गई इस रिपोर्ट का अवलोकन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 25 जून, 2026 की तारीख मुकर्रर की है।

हाई कोर्ट की खंडपीठ में हुई सुनवाई, एसआईटी रही मौजूद

झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायूमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ में इस संवेदनशील मामले की सुनवाई हुई।

  • अदालत के पिछले निर्देश के अनुपालन में केंद्र सरकार के अधिवक्ता द्वारा सीएफएसएल की रिपोर्ट को अदालत के समक्ष पेश किया गया।

  • सुनवाई के दौरान मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की टीम भी अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रही।

  • प्रार्थी (युवती की मां) की ओर से अधिवक्ता विनसेंट रोहित मार्की और शांतनु गुप्ता ने अदालत में अपना पक्ष रखा।

मुख्य आरोपी दिनेश महतो गिरफ्तार, कंकाल से खुलेगा राज

राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने खंडपीठ को सूचित किया कि मामले के मुख्य आरोपी दिनेश महतो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि लापता युवती का कंकाल बोकारो के एक घने जंगल से बरामद किया गया था। इस कंकाल की आधिकारिक और कानूनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए ही माता-पिता के नमूनों के साथ डीएनए मिलान कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट अब अदालत के पास है।

थाना प्रभारी सहित 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड

इस पूरे मामले में शुरुआत से ही स्थानीय पुलिस की कार्यशैली और ढुलमुल रवैये पर गंभीर सवाल उठ रहे थे।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला एक मां की अपनी बेटी को न्याय दिलाने की कानूनी लड़ाई से जुड़ा है:

  • लापता होने की तारीख: युवती 31 जुलाई 2025 से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता थी।

  • संवैधानिक गुहार: स्थानीय पुलिस स्तर पर उचित कार्रवाई न होने के बाद, पीड़ित मां ने अपनी बेटी की बरामदगी के लिए झारखंड उच्च न्यायालय में हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका दायर की थी।

सीलबंद डीएनए रिपोर्ट कोर्ट के सामने आने और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे हत्याकांड या अपहरण के मामले से पर्दा उठने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें 25 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत जांच की आगे की दिशा तय कर सकती है।

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