‘मंच पर 1 नहीं, 6 टाइगर मौजूद हैं, अब हमारे पास 3 संजय हैं’ — एकनाथ शिंदे
मुंबई | महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे को तगड़ा झटका देते हुए उनके गुट के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने सोमवार को औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली असली शिवसेना की सदस्यता ग्रहण कर ली। मुंबई में आयोजित एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सभी बागी सांसदों का पार्टी में स्वागत किया और इस अभियान को ‘ऑपरेशन टाइगर’ की 100% सफलता करार दिया।
एकनाथ शिंदे की प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें
सांसदों का हाथ थामकर एकजुटता का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा:
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6 टाइगर हमारे साथ: “आज मंच पर कोई एक नहीं, बल्कि 6-6 ‘कट्टर शिवसैनिक’ यानी 6 टाइगर मौजूद हैं, जो निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए असली शिवसेना के परिवार में शामिल हुए हैं।”
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3 संजय की एंट्री: शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत पर तंज कसते हुए शिंदे ने कहा, “अब हमारे पास मंच पर तीन-तीन ‘संजय’ (संजय जाधव, संजय देशमुख और संजय दीना पाटिल) आ गए हैं। जब इतने संजय साथ हैं, तो किसी और संजय के बारे में बात करने की जरूरत ही नहीं है।”
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यह बगावत का दूसरा चरण: मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 में बालासाहेब ठाकरे के विचारों को बचाने के लिए जो शुरुआत 40 विधायकों के साथ हुई थी, यह उसी वैचारिक आंदोलन का दूसरा चरण है।
बागी सांसदों ने क्यों छोड़ा उद्धव का साथ?
प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए बागी सांसदों (विशेषकर नागेश पाटिल आष्टीकर और ओमराजे निंबालकर) ने साफ किया कि पिछले दो वर्षों से विपक्ष में रहने के कारण उनके क्षेत्रों का विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। सिर्फ ₹5 करोड़ के सांसद फंड (MPLADS) से जमीनी काम कर पाना मुमकिन नहीं था, इसलिए क्षेत्र की जनता और विकास के हित में उन्होंने महायुति सरकार के साथ आने का फैसला किया। दूसरी तरफ, उद्धव ठाकरे ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनका मनोबल नहीं टूटा है और वे कार्यकर्ताओं के बीच सीधे जाएंगे।
