मुंबई। जियोफाइनेंस ऐप का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है। अब ग्राहक अपने बैंक खाते में रखी अतिरिक्त रकम को आसानी से निवेश में लगा सकेंगे। जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट ने जियो पेमेंट्स बैंक के ‘Savings Pro’ फीचर में अपने ‘जियोब्लैकरॉक ओवरनाइट फंड’ को जोड़ दिया है। इस खास सुविधा का लाभ जियो पेमेंट्स बैंक के सेविंग्स और सैलरी अकाउंट वाले सभी ग्राहक उठा सकेंगे। आपको बता दें कि जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और दुनिया की दिग्गज एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शुमार ‘ब्लैकरॉक’ का एक जॉइंट वेंचर (संयुक्त उद्यम) है।
क्या है Savings Pro फीचर और कैसे करेगा काम?
Savings Pro को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह ग्राहकों की रोजमर्रा की सेविंग्स और निवेश को एक साथ जोड़ सके। इस फीचर के सक्रिय होने पर ग्राहक अपने बैंक खाते में एक तय सीमा से ऊपर पड़े अतिरिक्त बैलेंस को ओवरनाइट म्यूचुअल फंड में ऑटोमैटिकली या मैन्युअली निवेश कर सकेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग की सहूलियत देने के साथ-साथ निवेश के सुरक्षित और आसान विकल्प उपलब्ध कराना है।
ऑटो-इन्वेस्ट और वन-टाइम निवेश के विकल्प
इस सुविधा के तहत ग्राहकों को दो तरह के विकल्प मिलेंगे:
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ऑटो-इन्वेस्ट: इसमें ग्राहक द्वारा तय की गई सीमा से ऊपर की जो भी रकम होगी, वह रोजाना अपने-आप (ऑटोमैटिक) म्यूचुअल फंड में निवेश हो जाएगी।
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वन-टाइम इन्वेस्टमेंट: इसके जरिए ग्राहक जब चाहें, अपनी मर्जी से तुरंत एकमुश्त राशि का निवेश कर सकते हैं।
निवेश की सीमा: ग्राहक ₹5,000 से लेकर ₹1,50,000 के बीच अपनी सुविधा के अनुसार निवेश की सीमा तय कर सकते हैं। हालांकि, इस प्लेटफॉर्म के जरिए रोजाना निवेश करने की अधिकतम लिमिट ₹1,50,000 तय की गई है।
जब चाहें निकालें पैसा: रिडेम्पशन की आसान व्यवस्था
निवेश के साथ-साथ ग्राहकों की सहूलियत के लिए पैसा निकालने (रिडीम करने) की भी बेहद लचीली व्यवस्था की गई है:
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इंस्टेंट रिडेम्पशन: ग्राहक ₹50,000 या अपनी कुल निवेशित रकम का 90 प्रतिशत (दोनों में से जो भी कम हो), उतनी राशि तुरंत निकाल सकेंगे।
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T+1 रिडेम्पशन: यदि ग्राहक इससे अधिक की राशि निकालना चाहते हैं, तो उनका अनुरोध T+1 (ट्रांजैक्शन के अगले वर्किंग डे) के आधार पर प्रोसेस किया जाएगा।
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कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं: इस पूरी सुविधा में ग्राहकों से कोई एंट्री लोड, एग्जिट लोड, लॉक-इन पीरियड या किसी भी तरह का हिडन चार्ज (छुपा हुआ शुल्क) नहीं लिया जाएगा।
डिजिटल बैंकिंग और निवेश का बेहतरीन तालमेल
जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सिड स्वामीनाथन ने इस लॉन्चिंग पर कहा कि आज के दौर में ग्राहक अपने अतिरिक्त बैलेंस को मैनेज करने के लिए आसान और पूरी तरह डिजिटल तरीके तलाशते हैं। इस इंटीग्रेशन के जरिए हम डिजिटल बैंकिंग की ताकत को ओवरनाइट फंड सॉल्यूशन के साथ जोड़ रहे हैं।
वहीं, जियो पेमेंट्स बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ विनोद ईश्वरन ने बताया कि बैंक अपने ग्राहकों के लिए डिजिटल फाइनेंशियल सॉल्यूशंस को और ज्यादा मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है। ‘Savings Pro’ अतिरिक्त बैलेंस को मैनेज करने का एक बेहद सुविधाजनक तरीका है, जो ग्राहकों को लचीलापन, लिक्विडिटी (नकदी की उपलब्धता) और आसान पहुंच की गारंटी देता है।
पूरी तरह डिजिटल होगी ऑनबोर्डिंग
Savings Pro फीचर का लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। इसकी ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी तरह से पेपरलेस और डिजिटल है। ग्राहक जियोफाइनेंस ऐप पर जाकर डिजिटल आइडेंटिटी वेरिफिकेशन और वीडियो KYC के जरिए इस सुविधा को तुरंत शुरू कर सकते हैं। ऐप के माध्यम से ही वे अपनी निवेश सीमा तय या बदल सकते हैं, अपने पोर्टफोलियो को ट्रैक कर सकते हैं और सभी ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री देख सकते हैं। कंपनी का मानना है कि यह नया कदम रोजमर्रा की बैंकिंग और निवेश को एक ही छत के नीचे लाने का काम करेगा।
