नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने मंगलवार को उन तमाम मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि भारत सरकार गुजरात को ओमान और अन्य खाड़ी (Gulf) देशों से जोड़ने वाली एक विशाल गहरे समुद्र ऊर्जा पाइपलाइन परियोजना पर काम कर रही है.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस मामले पर चल रही सभी अटकलों को पूरी तरह खत्म कर दिया है.
मंत्रालय के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मीडिया में ऐसी खबरें चल रही थीं कि भारत सरकार ‘मिडिल ईस्ट‑इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन’ (MEIDP) नामक एक प्रोजेक्ट पर सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है.
इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मंत्रालय ने कहा:
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वर्तमान में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पास ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.
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इस तथाकथित समुद्री पाइपलाइन प्रोजेक्ट को लेकर ओमान या किसी भी अन्य खाड़ी देश के साथ भारत सरकार की किसी भी स्तर पर कोई सक्रिय चर्चा, बैठक या बातचीत नहीं चल रही है.
सुरक्षित रूप से आगे बढ़ रहा है एलएनजी जहाज ‘दिशा’
अफवाहों को खारिज करने के साथ ही पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक जानकारी भी साझा की. मंत्रालय ने बताया कि भारत आ रहा एलएनजी (LNG) कार्गो जहाज ‘दिशा’ बेहद संवेदनशील माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित रूप से पार कर चुका है.
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कार्गो क्षमता: यह विशाल मालवाहक जहाज अपने साथ 62,370 टन द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (Liquefied Natural Gas) लेकर आ रहा है.
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गंतव्य: ‘दिशा’ जहाज गुजरात राज्य के भरूच जिले में खंभात की खाड़ी के तट पर स्थित भारत के प्रमुख औद्योगिक और बंदरगाह शहर दहेज (Dahej LNG Terminal) के लिए रवाना हुआ है, जहां इस गैस की खेप को उतारा जाएगा.
