मास्को । अमेरिकी अंतरिक्ष बल (US Space Force) ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए अपने महत्वाकांक्षी ‘अंतरिक्ष-आधारित मूविंग टारगेट इंडिकेटर’ (AMTI) कार्यक्रम के विस्तार हेतु कुल 1.06 अरब डॉलर के भारी-भरकम बजट का अनुरोध किया है। इस अत्याधुनिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष से जमीन, समुद्र और हवा में गतिशील (मूविंग) लक्ष्यों की अचूक निगरानी और ट्रैकिंग क्षमता को बेहद मजबूत बनाना है।
बजट का पहला हिस्सा: रडार उपग्रहों का विकास ($253.4 मिलियन)
बजट प्रस्ताव के विश्लेषण के अनुसार, कुल राशि में से 253.4 मिलियन डॉलर विवेकाधीन आधार निधि के रूप में ‘ग्राउंड मूविंग टारगेट इंडिकेटर’ परियोजना के लिए आवंटित किए गए हैं।
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विशेषता: इस परियोजना के तहत अगली पीढ़ी के ऐसे रडार उपग्रह विकसित किए जा रहे हैं, जो दिन-रात और किसी भी प्रकार के खराब मौसम में जमीन व समुद्री लक्ष्यों का सटीक पता लगाने और उनकी स्पष्ट छवियां (इमेजरी) देने में सक्षम होंगे।
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रणनीतिक महत्व: अमेरिकी अंतरिक्ष बल के मुताबिक, यह प्रणाली अत्यधिक चुनौतीपूर्ण सैन्य वातावरण में दुश्मनों के लक्ष्यों की पहचान करने और लंबी दूरी के हमलों के लिए आवश्यक ‘सेंसर-टू-शूटर’ (Sensor-to-Shooter) प्रतिक्रिया समय को काफी कम कर देगी।
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समयसीमा: इस परियोजना को अगस्त 2024 में निर्माण चरण की मंजूरी मिली थी, और इसका विकास कार्य 2025 से 2031 तक जारी रहने का अनुमान है।
बजट का दूसरा हिस्सा: ‘गोल्डन डोम फॉर अमेरिका’ ($803 मिलियन)
बजट का एक बड़ा हिस्सा यानी 803 मिलियन डॉलर अंतरिक्ष-आधारित ‘एयर मूविंग टारगेट इंडिकेटर’ (AMTI) कार्यक्रम के लिए निर्धारित किया गया है। यह पूरी राशि अमेरिका की प्रस्तावित मिसाइल रक्षा पहल ‘गोल्डन डोम फॉर अमेरिका’ (Golden Dom For America) के तहत मुहैया कराई जाएगी।
यह कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर हवाई खतरों की निगरानी के लिए उन्नत रडार तकनीक विकसित करने पर केंद्रित है, जिसे दो भागों में बांटा गया है:
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उच्च-बैंड रडार प्रणालियां ($663 मिलियन): इस राशि का उपयोग हाई-बैंड रडार प्रणालियों के विस्तार पर होगा, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट निगरानी क्षमता हासिल की जा सके।
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वैकल्पिक लो-बैंड रडार तकनीक ($140 मिलियन): इस फंड का उपयोग लो-बैंड रडार तकनीकों के विकास, निर्माण क्षमता बढ़ाने और अतिरिक्त रक्षा ठेकेदारों को इस मिशन से जोड़ने के लिए किया जाएगा ताकि व्यापक क्षेत्र में खोज अभियान चलाया जा सके।
वैश्विक सुरक्षा ढांचे पर असर
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारी निवेश अमेरिकी सेना को अंतरिक्ष-आधारित निगरानी नेटवर्क को मजबूत करने और लंबी दूरी की सैन्य कार्रवाइयों की सटीकता को कई गुना बढ़ाने में बड़ी बढ़त दिलाएगा। यह पूरी पहल अमेरिका की उभरती मिसाइल रक्षा रणनीति और वैश्विक सुरक्षा ढांचे का एक बेहद अहम और दूरगामी हिस्सा मानी जा रही है।
