ह्यूस्टन, 15 जून। फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-ई मुकाबले में जर्मनी ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज का प्रदर्शन करते हुए रविवार देर रात टूर्नामेंट में पदार्पण कर रही कुरासाओ की टीम को 7-1 के भारी अंतर से शिकस्त दी। मुख्य कोच जूलियन नागेल्समैन की देखरेख में उतरी जर्मन टीम ने इस एकतरफा जीत के साथ अपने विश्व कप अभियान का बेहद दमदार आगाज किया है।
हाइलाइट्स: जर्मनी का सामूहिक आक्रमण
जर्मनी की इस विशाल जीत की सबसे बड़ी खूबी उसका सामूहिक खेल रही, जहां अग्रिम पंक्ति से लेकर डिफेंस के खिलाड़ियों तक ने स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया:
-
काई हैवर्ट्ज़: दो गोल दागकर टीम के मुख्य स्कोरर रहे।
-
अन्य गोल स्कोरर: फेलिक्स नेमचा, निको श्लोटरबेक, जमाल मुसियाला, नाथानियल ब्राउन और डेनिज उंडाव ने एक-एक गोल कर जीत का अंतर 7-1 पहुंचा दिया।
कुरासाओ ने रचा इतिहास, फिर जर्मनी ने दिखाई क्लास
मैच की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक जर्मनी के तेज हमलों के साथ हुई, लेकिन शुरुआती पलों में कुरासाओ की टीम ने भी हिम्मत नहीं हारी:
-
ऐतिहासिक क्षण (21वां मिनट): मुकाबले के 21वें मिनट में कुरासाओ के लिवानो कोमेनेन्सिया ने एक बेहतरीन गोल दागकर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। यह गोल कुरासाओ के फुटबॉल इतिहास में इसलिए अमर हो गया क्योंकि यह विश्व कप के इतिहास में इस देश का पहला गोल था।
हालांकि, इस गोल के बाद जर्मनी ने मैच का गियर बदला और मुकाबले को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। जर्मन मिडफील्डर्स की तेज पासिंग, विंग्स से लगातार हुए सटीक हमलों और फॉरवर्ड्स की बेहतरीन फिनिशिंग के सामने कुरासाओ की रक्षापंक्ति (डिफेंस) ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।
दूसरे हाफ में भी जारी रहा जर्मन दबदबा
पहले हाफ में मजबूत बढ़त बनाने के बाद भी जर्मनी ने दूसरे हाफ में अपनी आक्रामकता कम नहीं की। लगातार होते हमलों के कारण कुरासाओ की टीम को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। काई हैवर्ट्ज़ ने लगातार दो गोल दागकर कुरासाओ की वापसी की बची-खुची उम्मीदों को भी समाप्त कर दिया।
ग्रुप-ई में जर्मनी शीर्ष पर
इस विशाल अंतर से मिली जीत की बदौलत जर्मनी बेहतर गोल अंतर के साथ ग्रुप-ई की अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है। जर्मनी के साथ इस ग्रुप में आइवरी कोस्ट भी 3 अंकों के साथ बराबरी पर है, जिसने अपने मैच में इक्वाडोर को 1-0 से हराया था। वहीं, कुरासाओ के लिए पहला मैच भले ही कड़ा सबक रहा हो, लेकिन विश्व कप में अपना पहला गोल दागना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि रहा। अब उन्हें अगले मैच में मजबूत वापसी की चुनौती का सामना करना होगा।
