गोरखपुर, 15 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ के दौरान आमजन को आश्वस्त किया कि चाहे गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक मदद की दरकार हो या रहने के लिए पक्के मकान की, सरकार हर मोड़ पर जरूरतमंदों के साथ मुस्तैदी से खड़ी है। इलाज के लिए आर्थिक गुहार लगाने पहुंचे पीड़ितों से मुख्यमंत्री ने बेहद संवेदनशीलता के साथ कहा, “आप अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर प्रक्रिया पूरी कीजिए और मरीज की देखभाल पर ध्यान दीजिए, इलाज के खर्च की चिंता सरकार पर छोड़ दीजिए।” इसके साथ ही, आवास की मांग लेकर आए फरियादियों को भी उन्होंने ढाढस बंधाया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत हर पात्र व्यक्ति को निरंतर पक्के मकान दिए जा रहे हैं।
इलाज के लिए मिलेगा विवेकाधीन कोष का सहारा, आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश
गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, सोमवार सुबह मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में आए लोगों की पीड़ा सुनी। गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक तंगी का सामना कर रहे परिवारों को भरोसा देते हुए सीएम ने कहा कि सरकार उपचार में शत-प्रतिशत मदद करेगी। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र और जरूरतमंद लोगों के ‘आयुष्मान कार्ड’ प्राथमिकता के आधार पर बनवाए जाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी मरीज के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, तो भी इलाज में रुकावट नहीं आएगी और वित्तीय सहायता के लिए सीधे मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से राशि जारी की जाएगी।
200 फरियादियों के बीच पहुंचे सीएम, पुलिस-राजस्व मामलों पर तल्ख तेवर
महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित इस जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चलकर करीब 200 फरियादियों के पास पहुंचे। उन्होंने एक-एक कर सबके प्रार्थना पत्रों को लिया और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना।
इस दौरान कुछ नागरिकों ने पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में प्रशासनिक ढिलाई और लेटलतीफी की शिकायत दर्ज कराई। इस पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) को तत्काल मामलों का संज्ञान लेकर त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोटूक कहा कि बिजली, शिक्षा, पुलिस और राजस्व से जुड़ी जनता की तमाम दिक्कतों का समयबद्ध और संतुष्टिप्रद निस्तारण होना चाहिए, ताकि किसी को परेशान न होना पड़े।
गोसेवा और बच्चों को दुलार के साथ शुरू हुई मुख्यमंत्री की दिनचर्या
इससे पूर्व, सोमवार सुबह मुख्यमंत्री की दिनचर्या अपने पारंपरिक और आध्यात्मिक रंग में नजर आई। प्रातःकाल उन्होंने गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन किए और अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी की समाधि पर जाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद सीएम सीधे मंदिर की गोशाला पहुंचे, जहाँ उन्होंने गोवंश को अपने हाथों से गुड़ और रोटी खिलाकर गोसेवा की।
हमेशा की तरह मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान जब उनकी नजर परिजनों के साथ आए छोटे बच्चों पर पड़ी, तो उन्होंने बच्चों को अपने पास बुलाकर खूब दुलारा। सीएम ने उन्हें चाॅकलेट उपहार में दी, उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में आत्मीयता से बातचीत की और उन्हें खूब पढ़कर जीवन में आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।
