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Wednesday, June 10, 2026

प्रतिभा ही राष्ट्र की असली पूंजी, युवा बनें जिम्मेदार : राज्यपाल

पूर्वी सिंहभूम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी उसकी युवा प्रतिभाएं होती हैं। शिक्षित, संस्कारिक और जिम्मेदार युवा ही देश की प्रगति के वास्तविक आधार हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करना, सामाजिक चेतना विकसित करना और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना पैदा करना भी है।

देव वाटिका में मेधावी विद्यार्थी हुए सम्मानित

राज्यपाल बुधवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा स्थित देव वाटिका में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी शहर या बड़े संस्थान की मोहताज नहीं होती। ग्रामीण क्षेत्रों में भी असीम संभावनाएं मौजूद हैं, जरूरत केवल उन्हें सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की है।

सफलता के लिए बड़े लक्ष्य और निरंतर परिश्रम जरूरी

संतोष गंगवार ने विद्यार्थियों से जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से तय होती है कि व्यक्ति कितना संवेदनशील, संस्कारी और मानवीय है। उन्होंने विद्यार्थियों को विनम्रता, अनुशासन, संस्कार और मानवीय मूल्यों को जीवन का आधार बनाने की सलाह देते हुए कहा कि अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए भी करना चाहिए।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों के साथ किया भोजन

कार्यक्रम के बाद राज्यपाल ने प्रतिभावान विद्यार्थियों के साथ भोजन किया और उनसे बात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के सपनों, करियर लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि झारखंड की युवा पीढ़ी अपने परिश्रम, प्रतिभा और संस्कारों के बल पर पूरे राज्य और देश का नाम रोशन करेगी।

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