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Wednesday, June 10, 2026

डालसा के विधिक जागरूकता अभियान में ग्रामीणों को बताए गए कानूनी अधिकार

रांची रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से चलाए जा रहे 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को बुढ़मू प्रखंड के बाड़े पंचायत में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश, सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना तथा रांची के न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

अनुच्छेद 39(ए) के तहत मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान पारा विधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) काजल कुमारी और विजय खलखो ने ग्रामीणों को भारतीय संविधान में प्रदत्त अधिकारों और निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 39(ए) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि सभी नागरिकों को समान रूप से न्याय प्राप्त हो सके। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की संवाद योजना के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला।

विभिन्न सरकारी योजनाओं और अधिकारों पर हुई चर्चा

कार्यक्रम में पहचान पत्रों, जाति प्रमाण पत्र, वनाधिकार एवं भूमि अधिकार, विस्थापन एवं पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, बाल विवाह, बाल श्रम, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन तथा मईंया सम्मान योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ उठाने की प्रक्रिया और पात्रता संबंधी जानकारी भी दी गई। इसके अलावा प्रतिभागियों को आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से मामलों का त्वरित निपटारा किया जा सकता है।

ग्रामीणों ने अभियान को बताया बेहद उपयोगी

इस विधिक जागरूकता कार्यक्रम में बाड़े पंचायत की मुखिया अनुपमा उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने डालसा के इस विधिक जागरूकता अभियान को बेहद उपयोगी और कल्याणकारी बताते हुए सराहना की। इसके साथ ही ग्रामीणों ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को ग्रामीण और सुदूर गांव स्तर पर नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता जताई ताकि हर वंचित तक न्याय और योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके।

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