रांची । झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बुधवार को बड़ी संख्या में आंदोलनकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी रांची की सड़कों पर उतर आए। आंदोलनकारियों ने पहचान, सम्मान, पेंशन तथा अन्य लंबित मांगों के समाधान की मांग करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मोहराबादी क्षेत्र में ही रोक दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई टुकड़ियां तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री आवास और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मोहराबादी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक जाने वाले प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत रैपिड एक्शन फोर्स, झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप), एसआईआरबी सहित विभिन्न बलों की कई टुकड़ियां तैनात की गई थीं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड, जल टैंकर, विशेष वाहन और आंसू गैस दस्ता भी तैयार रखा गया था।
सरकार पर आंदोलनकारियों की उपेक्षा का आरोप
इस दौरान झारखंड आंदोलनकारी नेता पुष्कर महतो ने सरकार और प्रशासन पर आंदोलनकारियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आंदोलनकारी रांची पहुंचे थे, लेकिन कई स्थानों पर उन्हें रोक दिया गया। पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन के लिए आंदोलनकारियों ने लंबा संघर्ष किया, जेल यात्राएं कीं और लाठीचार्ज झेला, इसके बावजूद आज उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
17 आंदोलनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे
आंदोलनकारी नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आंदोलन के समर्थन में 17 आंदोलनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। भूख हड़ताल पर बैठे किसी भी आंदोलनकारी की तबीयत बिगड़ने या किसी प्रकार की अनहोनी होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
