धनबाद (कतरास)| कोयलांचल धनबाद में एक बार फिर अवैध कोयला कारोबार के वर्चस्व को लेकर खूनी खेल शुरू हो गया है। कतरास थाना क्षेत्र अंतर्गत छाताबाद में बुधवार की देर रात दो गुटों के बीच जमकर गोलीबारी (गैंगवार) हुई। रात करीब एक बजे हुई इस अंधाधुंध फायरिंग से पूरा इलाका गोलियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के तीन लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने मस्जिद के पास चलाईं गोलियां, जवाबी फायरिंग से दहला इलाका
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छाताबाद स्थित कैलूडीह मैदान के समीप देर रात एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर कुछ हथियारबंद अपराधी पहुंचे। अपराधियों ने कैलूडीह मस्जिद भवन के पास खड़े दूसरे गुट के लोगों पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले के बाद दूसरे पक्ष की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। दोनों ओर से दर्जनों चक्र गोलियां चलीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घायलों में तौसिफ और नीतीश शामिल, एक की हालत नाजुक
इस गैंगवार में गोली लगने से घायल हुए लोगों में छाताबाद निवासी मोहम्मद तौसिफ और नीतीश कुमार यादव मुख्य रूप से शामिल हैं। मोहम्मद तौसिफ के कंधे में गोली लगी है और उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर रेफर किया गया है। वहीं, नीतीश कुमार यादव की जांघ में गोली लगी है, जिसका इलाज निचितपुर स्थित एक निजी क्लीनिक में चल रहा है। तीसरे घायल की पहचान की कोशिश की जा रही है।
भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे एसडीपीओ, अपराधियों की धरपकड़ शुरू
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बाघमारा के एसडीपीओ (SDPO) अजीत कुमार विमल, कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार और कतरास अंचल इंस्पेक्टर मोहम्मद रुस्तम अंसारी सहित कई थानों की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत पूरे छाताबाद इलाके की घेराबंदी कर दी है। एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि गोलीबारी में शामिल अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाकर संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
अवैध कोयला डंपिंग यार्ड बना है विवाद की जड़, पिछले साल भी हुई थी हत्या
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस इलाके में यह गैंगवार हुआ, उसके ठीक पास एक आउटसोर्सिंग परियोजना संचालित है। इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन और कोयला तस्करी का खेल चल रहा है। चोर रास्तों से निकाला गया कोयला साइकिल और बाइक के जरिए लाकर छाताबाद और स्वास्तिक टॉकीज के बीच बड़े पैमाने पर डंप किया जाता है, जहां से बाद में इसे ट्रकों के जरिए फैक्ट्रियों में खपाया जाता है।
इसी अवैध धंधे की लेवी और वर्चस्व को लेकर दोनों गुटों में पुरानी दुश्मनी है। आपको बता दें कि पिछले वर्ष मार्च में भी इसी सिंडिकेट के विवाद में मनोज यादव नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन से इस अवैध कोयला सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने की मांग की है।
