भागलपुर (नाथनगर)| जिले में बीते मंगलवार को आए भीषण आंधी और तूफान का कहर दो दिन बाद भी थमता नजर नहीं आ रहा है। नाथनगर के कई इलाकों में अब तक विद्युत आपूर्ति (बिजली) बहाल नहीं होने से स्थिति बेकाबू हो चुकी है। भीषण गर्मी के बीच बिजली गुल रहने से सबसे बड़ा संकट पानी का खड़ा हो गया है। प्रशासनिक दावों से नाराज और पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे रामपुर खुर्द इलाके के लोग गुरुवार को सड़कों पर उतर आए और जमकर बवाल काटा।
रेलवे अंडरपास को किया पूरी तरह जाम, विभाग के खिलाफ नारेबाजी
गुरुवार तक बिजली बहाल न होने और सड़क पर गिरे बिजली के खंभों (पोल) को नहीं हटाए जाने से स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने अनाथालय रोड स्थित रेलवे अंडरपास पुल को कटीली झाड़ियों और पेड़ों की टहनियों से घेरकर पूरी तरह जाम कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जताई।
60 घंटे से अंधेरा: मोबाइल, इनवर्टर और फ्रीज हुए ठप
प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों ने बताया कि नाथनगर के दक्षिणी क्षेत्र में पिछले 60 घंटे से भी अधिक समय से बिजली पूरी तरह ठप है। लगातार बिजली गुल रहने के कारण लोगों के मोबाइल डिस्चार्ज हो चुके हैं, इनवर्टर बैठ गए हैं और फ्रीज बंद पड़े हैं। इस चिलचिलाती और भीषण गर्मी में बिना पंखे और पानी के बूढ़े, बच्चे और महिलाओं का जीना मुहाल हो गया है।
पानी का कालाबाजारी: एक टंकी के लिए वसूले जा रहे 500 रुपये
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली न होने से सबसे बदतर स्थिति पानी की है। इलाके के लोग पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। जिन संपन्न घरों में समरसेबल (बोरिंग) है, वहां लोग जनरेटर के सहारे पानी तो निकाल रहे हैं, लेकिन आपदा के इस समय में मजबूरी का फायदा उठाकर आम जनता से मोटी रकम वसूली जा रही है। हालात यह हैं कि एक हजार लीटर की पानी टंकी भरने के लिए 300 से 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। वहीं, जिन गरीब परिवारों के पास पैसे नहीं हैं, वे पानी के लिए हाहाकार कर रहे हैं।
पुलिस ने समझा-बुझाकर खुलवाया जाम
रेलवे अंडरपास पर सड़क जाम और उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मधुसूदनपुर थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों की समस्याओं को सुना और बिजली विभाग के आला अफसरों से बात कर जल्द से जल्द पोल हटवाने व बिजली चालू कराने का ठोस आश्वासन दिया। पुलिस की समझाइश और आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका।
