पलामू । जिले के हुसैनाबाद प्रखंड की कुर्मीपुर पंचायत की मुखिया रीना कुमारी के पति अजय राजवंशी की गिरफ्तारी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
अब इस मामले ने प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। बुधवार को हुसैनाबाद प्रखंड मुखिया संघ की बैठक में मुखिया पति की गिरफ्तारी और मुखिया के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर तीखी नाराजगी सामने आई।
मुखिया संघ ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
बैठक में मुखिया संघ ने आरोप लगाया कि कुर्मीपुर पंचायत में कथित अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों की ओर से आवाज उठाई जा रही थी। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन को पहले भी कई बार लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों को शांतिपूर्ण धरना का रास्ता अपनाना पड़ा।
संघ के अध्यक्ष श्रवण राम और सचिव अमरेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा कि पुलिस प्रशासन इस बात का जवाब दे सकता है कि दर्जनों लोग टेंट लगाकर रंगदारी की मांग कर रहे थे। यह सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि अगर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर माइंस संचालक और थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो मुखिया संघ व्यापक आंदोलन चलायेगा जिसमें मुख्यमंत्री का घेराव भी होगा। बैठक में हुसैनाबाद प्रखंड के दर्जनों मुखिया शामिल थे।
इधर, कुर्मीपुर पंचायत की मुखिया रीना कुमारी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि 26 मई को धरनास्थल पर थाना प्रभारी चंदन कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और वहां मौजूद लोगों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि धरनास्थल पर लगी कुर्सियां और साउंड सिस्टम हटाए गए और विरोध करने पर उनके पति अजय राजवंशी सहित अन्य ग्रामीणों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
मुखिया ने यह भी आरोप लगाया कि थाना पहुंचने पर उन्हें अपने पति से मिलने तक नहीं दिया गया और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
इधर, हुसैनाबाद प्रखंड मुखिया संघ ने मामले को सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आगे बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
मुखिया संघ की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर माइंस संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
