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Thursday, May 28, 2026

महुआ शराब की जहरीली गैस का कहर: एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, एक गंभीर

हजारीबाग । झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 24 में एक रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ एक ही परिवार के तीन लोगों की मल-निकास टंकी (सेफ्टी टैंक) के भीतर दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान चमेली देवी, उनके पुत्र रवि साव और चाचा मदन साव के रूप में की गई है। यह हृदयविदारक घटना मंगलवार की देर रात घटित हुई। इस हादसे में परिवार के एक अन्य सदस्य आनंद साव भी जहरीली गैस की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अवैध शराब भंडारण के कारण टैंक में बनी घातक गैस
स्थानीय ग्रामीणों से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, उक्त सेफ्टी टैंक का उपयोग कथित तौर पर अवैध रूप से महुआ शराब बनाने और उसे छिपाकर रखने के लिए किया जाता था। लंबे समय से बंद रहने और रसायनों के कारण टैंक के भीतर अत्यधिक विषैली व दम घोंटू गैस बन गई थी। मंगलवार की रात चमेली देवी टैंक के भीतर जमा कर रखी गई महुआ शराब को बाहर निकालने के लिए नीचे उतरी थीं, लेकिन अंदर कदम रखते ही वह जहरीली गैस के प्रभाव से अचेत (बेहोश) होकर गिर पड़ीं।

मां को बचाने उतरा बेटा और फिर चाचा भी हुए हादसे का शिकार
जब काफी देर तक चमेली देवी बाहर नहीं आईं, तो घर में मौजूद परिजन चिंतित हो उठे। अपनी मां को अचेत अवस्था में देख उन्हें बचाने के लिए सबसे पहले पुत्र रवि साव टैंक के भीतर उतरा, लेकिन वह भी क्षण भर में गैस की चपेट में आ गया। इसके बाद दोनों को बाहर निकालने के उद्देश्य से चाचा मदन साव ने भी हिम्मत जुटाई और टैंक में प्रवेश किया, परंतु वे भी उसी जानलेवा गैस का शिकार हो गए। टैंक के भीतर ऑक्सीजन (प्राणवायु) की भारी कमी और घातक गैस की अधिकता के कारण तीनों में से कोई भी वापस बाहर नहीं निकल सका और मौके पर ही तीनों का दम घुट गया।

अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे आनंद साव
इस पूरे खौफनाक घटनाक्रम के दौरान घर के अन्य सदस्य लाचार होकर अपनी आंखों के सामने अपनों को खोते देखते रहे। अपनी पत्नी, इकलौते बेटे और भाई को भीतर तड़पता देख आनंद साव ने भी अंतिम प्रयास के रूप में उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे भी गैस के तीव्र प्रभाव से बुरी तरह झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल शेख भिखारी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल कॉलेज अस्पताल) में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी
हादसे की भयावह सूचना मिलते ही कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों की सहायता से तीनों शवों को टैंक से बाहर निकलवाया और उन्हें कब्जे में लेकर मरणोपरांत परीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अवैध महुआ शराब के निर्माण और उसके जहरीले रिसाव को ही इस दर्दनाक हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। दूसरी ओर, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि दिलीप साहू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से मामले की सघन जांच करने की मांग की है।

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