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Thursday, May 28, 2026

तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चियों की मौत, परिजनों में कोहराम

गढ़वा । झारखंड के गढ़वा जिले अंतर्गत श्री बंशीधर नगर थाना क्षेत्र के कुंबा गांव स्थित अकेलवा तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। बुधवार की सुबह तालाब के पानी में दोनों बच्चियों के शव तैरते हुए मिलने के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और मरणोपरांत परीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

लकड़ी चुनने निकली थीं घर से, रातभर नहीं चला सुराग
जानकारी के अनुसार, पतरिहा कलां गांव के हरिजन टोला निवासी राजू राम की 8 वर्षीय पुत्री प्रियांशु कुमारी एवं परमेश्वर राम की 10 वर्षीय पुत्री रेशमा कुमारी मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे अपने घर से समीपवर्ती बहवा पहाड़ की ओर सूखी लकड़ी चुनने के लिए निकली थीं। जब शाम ढलने तक दोनों बच्चियां सुरक्षित घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। रातभर ग्रामीणों और परिजनों ने जंगलों व आसपास के संभावित इलाकों में उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका था।

सुबह शौच के लिए गए बच्चों ने देखा शव, मची अफरा-तफरी
बुधवार की सुबह करीब छह बजे गांव के कुछ बच्चे दैनिक क्रिया (शौच) के लिए अकेलवा तालाब के किनारे पहुँचे थे। इसी दौरान बच्चों की नजर तालाब के पानी में उतराते शवों पर पड़ी। यह खौफनाक दृश्य देखते ही बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद बदहवास परिजन और सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बच्चियों के निष्प्राण शरीरों को तालाब से बाहर निकाला।

भीषण गर्मी में नहाने के दौरान गहराई का नहीं मिला अंदाजा
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय ग्रामीण अरुण तिवारी ने बताया कि दोनों बच्चियां पहाड़ से लकड़ी चुनकर लौट रही थीं। क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण थकान और तपन मिटाने के उद्देश्य से वे तालाब में नहाने के लिए उतर गईं। मासूम होने के कारण उन्हें तालाब की वास्तविक गहराई का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था, जिससे नहाने के दौरान दोनों पैर फिसलने से गहरे पानी में चली गईं और डूबने से उनकी अकाल मृत्यु हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि यह तालाब बेहद खतरनाक है और इससे पहले भी यहाँ डूबने से कई लोगों की जानें जा चुकी हैं।

सुरक्षा घेराबंदी और चेतावनी पट्ट लगाने की मांग
इस दर्दनाक हादसे के बाद से ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष है। उग्र व दुखी ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस खतरनाक तालाब के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करते हुए अविलंब घेराबंदी (बाउंड्री) कराई जाए तथा गहरे पानी वाले क्षेत्रों के समीप बड़े-बड़े चेतावनी पट्ट (साइन बोर्ड) लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।

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