31 C
Kolkata
Wednesday, May 27, 2026

मिशन मोड में बनेंगे मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र, रिक्त पदों पर जल्द होगी बहाली: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

रांची, 26 मई (हि.स.)। झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में मंगलवार को मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विभाग अपने केन्द्रांश और राज्यांश बजट का पूर्ण व्यय सुनिश्चित करे, ताकि विकास की किरणें समाज के अंतिम पायदान पर बैठे जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँच सकें। मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया।

दो हजार से अधिक रिक्त पदों पर होगी सीधी नियुक्ति

समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत वर्तमान में कुल 2,019 रिक्त पदों पर बहाली की जानी है। इन रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है:

  • बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ): 106 पद

  • महिला पर्यवेक्षिका: 433 पद

  • आंगनबाड़ी सेविका: 583 पद

  • आंगनबाड़ी सहायिका: 897 पद

जर्जर और किराए के भवनों से सरकारी स्कूलों में शिफ्ट होंगे केंद्र

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने के लिए कम्पनी सामाजिक दायित्व (सीएसआर) एवं जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) निधि (फंड) का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किराए और जर्जर भवनों में चल रहे केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। सभी केंद्रों पर बिजली, शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने बताया कि पोषण ट्रैकर पोर्टल के माध्यम से आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा प्रतिदिन की गतिविधियों को मोबाइल फोन द्वारा अपलोड किया जा रहा है।

बाल विवाह रोकने के लिए साहसी बेटियां बनेंगी ‘ब्रांड एंबेसडर’

बाल विवाह जैसी सामाजिक विसंगति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा जैसे जिलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त झारखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए समाज की साहसी और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाली बालिकाओं को ‘ब्रांड एंबेसडर’ या स्वयंसेवक (वॉलेंटियर) बनाया जाए। बाल विवाह को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ होने वाली कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रचार-प्रसार दृश्य-श्रव्य (ऑडियो-वीडियो) और विभिन्न सामाजिक मीडिया मंचों (सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म) के माध्यम से किया जाए। इसके साथ ही, हिंसा प्रभावित महिलाओं की मदद के लिए ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ और महिला हेल्पलाइन नंबर के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा इसे स्थानीय पुलिस प्रशासन से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

सर्वजन पेंशन और मईयां सम्मान योजना के पात्र लाभुकों को जोड़ने का आदेश

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ‘मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना’ और ‘झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना’ के अंतर्गत अहर्ता पूरी करने वाले कोई भी पात्र लाभुक छूटने नहीं चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना तथा दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना की भी गहन समीक्षा की और दिव्यांग जनों को विशेष उपकरण समय पर उपलब्ध कराने की बात कही।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस उच्च स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, समाज कल्याण निदेशक श्रीमती किरण कुमार पासी सहित विभाग के अन्य सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

नवीनतम लेख